Heavy Rain: भारी बारिश के चलते अमरनाथ यात्रा और केदारनाथ यात्रा को रोक दिया गया है। जम्मू-श्रीनगर हाईवे भारी बारिश के चलते बंद कर दिया गया है। लगातार बारिश से रास्ता खराब हो गया है इसके चलते जम्मू से अमरनाथ यात्रा स्थगित कर दी गई है। अमरनाथ यात्रा का समापन 28 अगस्त को होगा। इस दिन रक्षाबंधन का पर्व भी है। फिलहाल श्रद्धालुओं की आवाजाही हाईवे की बहाली और मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगी।
जम्मू से अमरनाथ यात्रा रोकी गई
शनिवार को जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से अमरनाथ यात्रा रोक दी गई, क्योंकि लगातार बारिश के कारण 250 किलोमीटर लंबा जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा।
अधिकारियों ने बताया कि उधमपुर जिले में हाईवे के लधा-समरोली हिस्से पर मरम्मत का काम चल रहा है, इसलिए तीर्थयात्रियों के किसी भी नए जत्थे को जम्मू बेस कैंप से कश्मीर घाटी के लिए जाने की इजाजत नहीं दी गई। उधर उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले में भारी बारिश हो रही है। स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर केदारनाथ यात्रा रोक दी है। उत्तराखंड के 6 जिलों में आज भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें देहरादून, पौड़ी, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, नैनीताल और चंपावत शामिल हैं।
भगवती नगर शिफ्ट किए गए रजिस्ट्रेशन काउंटर
इस बीच, श्रद्धालुओं की संख्या में कमी को देखते हुए श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (SASB) ने यात्रा रजिस्ट्रेशन और टोकन वितरण काउंटरों को तवी रिवरफ्रंट से भगवती नगर बेस कैंप में ट्रांसफर कर दिया है। तवी रिवरफ्रंट पर श्रद्धालुओं के ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन, टोकन वितरण, ई-केवाईसी वेरिफिकेशन और RFID जारी करने के लिए सेंट्रलाइज्ड सुविधा विकसित की गई थी।
अब तक 4.5 लाख श्रद्धालु कर चुके दर्शन
अधिकारियों के मुताबिक 3 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा के दौरान अब तक करीब 4.5 लाख श्रद्धालु दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं। इस गुफा में प्राकृतिक रूप से बना बर्फ का शिवलिंग श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। बता दें कि इससे पहले भी रोक दी थी। करीब छह दिन के बाद अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू हो पाई थी। दरअसल, भारी बारिश की वजह से जगह-जगह लैंडस्लाइड होने से मार्ग अवरुद्ध हो गए थे, जिसके बाद एहतियात के तौर पर यात्रा बंद कर दी गई थी।
किश्तवाड़ जिले में बादल फटा
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के छत्रू इलाके में बादल फटने से कुछ व्यावसायिक प्रतिष्ठान और दुकानों में पानी घुसने से नुकसान हुआ है। बादल फटने का घटना रात 3.30 बजे हुई। अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। डिप्टी कमिश्नर पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि तुरंत एजेंसियों को मौके पर भेजा गया और प्रभावित इलाके से मलबा और कीचड़ हटाने का काम चल रहा है।
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