Viral Video: देशभर में मन्नत पूरी होने पर मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर अलग-अलग तरह की परंपराएं निभाई जाती हैं. इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक छोटे बच्चे को 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियों से तराजू में तौला जा रहा है. दावा किया जा रहा है कि संतान प्राप्ति की मन्नत पूरी होने के बाद परिवार ने यह परंपरा निभाई.
गांव में कई धार्मिक स्थानों पर मन्नते मांगी जाती है कि मुझे बच्चा हुआ तो में अपने बच्चे को मिठाई , नारियल , गुड़ ,शक्कर ,सिक्के या अन्य कई प्रकार की चीजें में तोलूंगा ।
मन्नत पूरी होने पर बच्चे को तोला जाता है और प्रसादि वही बाट दी जाती है ।
इस बच्चे को नोटो की गद्दी में तोलने… pic.twitter.com/ZJPr0Retyp
— आजाद फिरोज मंसूरी ASP (@Firojkh74200536) July 27, 2026
मन्नत पूरी होने के बाद निभाई गई परंपरा का दावा
वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक छोटे बच्चे को तराजू के एक पलड़े में बैठा हुआ देखा जा सकता है. दूसरे पलड़े में एक महिला 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां एक-एक कर रखती जाती है. इस दौरान बच्चा रोता हुआ भी दिखाई देता है. जैसे ही दोनों पलड़ों का वजन बराबर होता है, वहां मौजूद एक व्यक्ति तराजू को उठाकर लोगों को दिखाता है. वीडियो यहीं समाप्त हो जाता है. वीडियो साझा करने वालों का दावा है कि परिवार ने किसी धार्मिक स्थल पर संतान प्राप्ति की मन्नत मांगी थी. मन्नत पूरी होने के बाद उन्होंने बच्चे को उसके वजन के बराबर 500-500 रुपये के नोटों से तौलने की परंपरा निभाई. पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि तौलने के बाद पूरी राशि प्रसाद या धार्मिक दान के रूप में श्रद्धालुओं में वितरित की जाएगी.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. कुछ लोगों ने इसे आस्था और परंपरा से जुड़ा बताया, तो कई यूजर्स ने इसे अंधविश्वास करार दिया. कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी रकम आखिर किसे दी जाएगी, जबकि एक यूजर ने टिप्पणी की कि शायद पूरी राशि दान न होकर उसका कुछ हिस्सा परिवार के पास ही रह जाए. वहीं कई लोगों ने कहा कि देश के कई ग्रामीण इलाकों में आज भी इस तरह की परंपराएं निभाई जाती हैं. फिलहाल वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है.
यह भी पढ़ें: गाड़ी का टायर बदल रहा था शख्स, तभी झाड़ियों से निकला टाइगर और उठाकर ले गया, VIDEO VIRAL



