Delhi Police News: दिल्ली जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के जवानों के परिवार वालों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी की बेटी ने कहा कि मेरे पिता दिल्ली पुलिस में SI हैं. उन्हें मुख्य प्रदर्शन स्थल पर तैनात किया गया था वे भारी भीड़ के बीच बैरिकेड्स के पास सबसे आगे की लाइन में थे. वे अक्सर हमें बताते थे कि यह प्रदर्शन अब छात्रों का प्रदर्शन नहीं लग रहा था और इसमें असामाजिक तत्व शामिल हो गए थे. 25 जुलाई को, एक हिंसक भीड़ ने मेरे पिता को घसीटा और जंतर-मंतर मंच के पास उनको पीट-पीटकर हत्या करने की कोशिश की. वे RML अस्पताल में लगभग चार घंटे तक बेहोश रहे. उसी रात बाद में, उनके साथी उन्हें घर लाए और उनकी वर्दी खून से लथपथ थी.
“उनका सिर मुंडा हुआ था और चार टांके लगे थे”
घायल दिल्ली पुलिस ASI के बेटे ने कहा कि मेरा नाम लक्ष्य सिंह बिष्ट है और मेरे पिता ASI हैं, जिन्हें अपने करियर में बहादुरी के लिए चार सम्मान मिल चुके हैं. मेरे दादाजी BSF में थे और उन्होंने 1971 की लड़ाई लड़ी थी. जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान मेरे पिता को फ्रंटलाइन पर तैनात किया गया था. मुझे उनके एक दोस्त से पता चला कि उनके सिर में चोट लगी है. जब मैंने उनकी तस्वीर देखी, तो उनका सिर मुंडा हुआ था और चार टांके लगे थे. मैं हैरान और डरा हुआ था. जब मेरे पिता घर लौटे, तो उन्होंने मुझे बताया कि विरोध प्रदर्शन सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं था, बल्कि भीड़ में कुछ उपद्रवी और हिंसक लोग भी शामिल हो गए थे. उन्होंने बताया कि जब वे अपने साथियों को जानकारी दे रहे थे, तो उन लोगों ने बिना किसी उकसावे के पत्थर फेंकना शुरू कर दिया. जब वे अपने सीनियर अधिकारियों को सुरक्षित जगह ले जा रहे थे, तभी उनके सिर पर एक पत्थर लगा, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई.
“शरारती तत्वों ने पत्थरों और हथियारों से हमला किया”
घायल ASI की पत्नी सीमा ने बताया कि 20 जुलाई की शाम को जब उन्होंने पति को फोन किया तो पता चला कि वो अस्पताल में इलाज करा रहे हैं. भीड़ में मौजूद शरारती तत्वों ने पत्थरों और हथियारों से पुलिसकर्मियों पर हमला किया था. बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन और संसद मार्च के दौरान 148 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. इनमें कई को गंभीर चोटें आईं थीं.
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