Guru Purnima 2026: गुरु वह नहीं, जो केवल ज्ञान दे, बल्कि वह है जो व्यक्ति के भीतर छिपी संभावनाओं को पहचानकर उसे नई दिशा, नया आत्मविश्वास और जीवन में आगे बढ़ने का संबल प्रदान करे. कुछ ऐसा ही भावपूर्ण और श्रद्धामय नज़ारा गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर जयपुर स्थित समाजसेवी एवं भामाशाह राजेंद्र केडिया के आवास और कार्यालय पर देखने को मिला.
माला और साफा पहनाकर सम्मान
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बड़ी संख्या में वे लोग राजेंद्र केड़िया के आवास और कार्यालय पहुंचे, जिनके जीवन में उन्होंने किसी न किसी रूप में मार्गदर्शक की भूमिका निभाई है. किसी को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली, किसी को सामाजिक सेवा का रास्ता मिला, तो किसी को कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास. सभी ने अपने गुरु के प्रति सम्मान, श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनका अभिनंदन किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया. इस अवसर पर पूरे परिसर में गुरु-शिष्य परंपरा की भारतीय संस्कृति जीवंत होती दिखाई दी. लोगों ने माल्यार्पण कर और सम्मान स्वरूप साफा पहनाकर अपने गुरु के प्रति आदर प्रकट किया. शुभचिंतकों ने उनके दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर समाज सेवा के लिए मंगलकामनाएं भी व्यक्त कीं.
भामाशाह ने लोगों को दिया आशीर्वाद
भामाशाह राजेंद्र केडिया ने भी स्नेह और आत्मीयता के साथ सभी का स्वागत किया. उन्होंने अपने पास पहुंचे लोगों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, सफलता और जीवन में निरंतर प्रगति की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि गुरु का सबसे बड़ा दायित्व केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि अपने अनुभवों से समाज और नई पीढ़ी को सही दिशा देना है. यदि किसी के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर मिले, तो वही सबसे बड़ा सम्मान और सबसे बड़ी उपलब्धि है. गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर यह आयोजन केवल सम्मान का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि गुरु और शिष्य के अटूट विश्वास, संस्कार, मार्गदर्शन और आत्मीय संबंधों का जीवंत प्रतीक बनकर सभी के लिए प्रेरणा का संदेश छोड़ गया.
यह भी पढ़ें: जयपुर में पहली बार होगा JSA शो, Silver इंडस्ट्री को मिलेगा Global Stage



