Jhandu Kumar :ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीत कर पहला मेडल हासिल किया है। बिहार के पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुष हेवीवेट वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। उन्होंने 190 किलोग्राम की बेस्ट लिफ्ट के साथ 130.9 अंक हासिल किए। दूसरी ओर बॉक्सिंग में जादुमणि सिंह ने जीत के साथ राउंड ऑफ-16 में जगह बनाई। इससे पहले पुरुष और महिला लाइटवेट पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत मेडल से चूक गया था। लॉन बॉल्स में पुतुल सोनोवाल ने लगातार दूसरी जीत दर्ज की।
झंडू कुमार ने जीता ब्रॉन्ज, भारत का खाता खोला
कॉमनवेल्थ गेम्स में 28 साल के झंडू कुमार ने ग्रुप-बी से खेलते हुए पहले प्रयास में 181 किलोग्राम और दूसरे प्रयास में 190 किलोग्राम वजन उठाया। इससे उन्हें 130.9 अंक मिले। तीसरे प्रयास में उन्होंने 196 किलोग्राम उठाकर बर्मिंघम 2022 का गेम्स रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बावजूद उनका स्कोर ब्रॉन्ज मेडल के लिए पर्याप्त रहा। नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने गोल्ड और इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने सिल्वर जीता।
गरीब परिवार से झंडू कुमार ने देश का नाम किया रौशन
बिहार के नालंदा जिले के हरनौत में झंडू कुमार बचपन से पोलियो से प्रभावित थे। परिवार की मदद के लिए उन्होंने सड़क किनारे पिता के साथ आलू-प्याज बेचे और कोविड के दौरान ई-रिक्शा चलाकर रोजी-रोटी कमाई। अब वही खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए मेडल जीत चुका है।
ई-रिक्शा बेचकर नेशनल चौंपियनशिप खेलने गए
2023 में नेशनल चौंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए उन्होंने अपना ई-रिक्शा तक बेच दिया। पहली बार में कोई सफल लिफ्ट नहीं लगा सके, लेकिन उनकी प्रतिभा पर पैरालिंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट राजिंदर सिंह राहेलू की नजर पड़ी। इसके बाद एसएआई सेंटर में ट्रेनिंग मिली और करियर नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया।
अब लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक पर नजर
2017 में पैरा एथलेटिक्स से शुरुआत करने वाले जंडू ने बाद में पावरलिफ्टिंग को चुना। नेशनल रिकॉर्ड बनाया, वर्ल्ड कप और एशियन-ओशिनिया चौंपियनशिप में ब्रॉन्ज जीता।
सुधीर छठे, कस्तूरी लिफ्ट दर्ज नहीं कर सकीं
पैरा पावरलिफ्टिंग में भारत के सुधीर 183 किलोग्राम की लिफ्ट के साथ छठे स्थान पर रहे। महिला हेवीवेट वर्ग में कस्तूरी राजामणि तीनों प्रयासों में असफल रहीं और कोई लिफ्ट दर्ज नहीं कर सकीं।
प्रधानमंत्री ने बधाई दी
बिहार के नालंदा के पैरालिफ्टर के कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, ‘झंडू कुमार का शानदार प्रदर्शन। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पुरुष हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत का पदकों का खाता खोला। इस उपलब्धि पर उन्हें बहुत-बहुत बधाई।’ उनकी सफलता अद्भुत ताकत, अटूट संकल्प और वर्षों की अनुशासित मेहनत का प्रमाण है। हर चुनौती का सामना करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उन्होंने पूरे देश को गौरवान्वित किया है और अनगिनत भारतीयों को प्रेरित किया है।
पैरा पावरलिफ्टिंग में खेलने के नियम
पैरा पावरलिफ्टिंग में 14 साल या उससे अधिक आयु के वे पुरुष और महिला खिलाड़ी भाग ले सकते हैं, जिनके निचले अंगों (पैरों) या कूल्हों में शारीरिक अक्षमता हो और जो बेंच प्रेस के लिए अपनी बाहों का सामान्य उपयोग कर सकें। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए खिलाड़ी में वर्ल्ड पैरा पावरलिफ्टिंग की ओर से तय की गई 8 शारीरिक अक्षमताओं में से कम से कम एक होना जरूरी है। इनमें मांसपेशियों की शक्ति में कमी, अंग का अभाव/कमी, पैरों की लंबाई में कम से कम 7 सेमी का अंतर, छोटा कद (पुरुष 145 सेमी और महिला 140 सेमी से कम), मांसपेशियों में जकड़न , संतुलन व समन्वय में कमी , अनियंत्रित शारीरिक गतिविधियां और जोड़ों की सीमित गति शामिल हैं।
बॉक्सिंग में जादुमणि ने 5-0 से जीता मुकाबला
भारत के 21 साल के बॉक्सर जादुमणि सिंह ने पुरुष 55 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ-32 मुकाबले में मेजबान स्कॉटलैंड के आरोन कुलेन को 5-0 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। पांचों जजों ने तीनों राउंड में जदुमणि के पक्ष में फैसला दिया।
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