Gums : अगर बारिश के मौसम में ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आने लगे या मुंह की बदबू लगातार बनी रहे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. इसकी वजह सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि इस दौरान हमारी कुछ रोजमर्रा की आदतें भी हो सकती हैं. पसंदीदा चाय-पकौड़े, मीठे स्नैक्स, कम पानी पीना और ओरल हाइजीन में लापरवाही जैसी बातें मसूड़ों की सेहत पर असर डाल सकती हैं.
क्यों होती है परेशानी?
ऑर्थाेडॉन्टिस्ट के मुताबिक, मानसून सीधे तौर पर मसूड़ों की बीमारी या मुंह की बदबू का कारण नहीं बनता, लेकिन इस मौसम में लाइफस्टाइल में होने वाले बदलाव इन समस्याओं का खतरा बढ़ा देते हैं. उनका कहना है कि बारिश के दिनों में लोग अक्सर ज्यादा मीठे स्नैक्स और ड्रिंक्स का सेवन करते हैं, कम पानी पीते हैं और मुंह की सफाई पर भी पहले जितना ध्यान नहीं देते. इससे दांतों पर प्लाक जमा होने लगता है और बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जिससे मसूड़ों में सूजन और सांसों से बदबू आने की संभावना बढ़ जाती है।
कौन सी दिक्कत सबसे ज्यादा होती है?
डॉ. बताते हैं कि अगर प्लाक को नियमित ब्रशिंग और दांतों के बीच की सफाई से नहीं हटाया जाए, तो मसूड़ों की सूजन, कैविटी और लगातार मुंह से बदबू जैसी समस्याएं हो सकती हैं. बारिश के मौसम में डेंटिस्ट के पास ऐसे मरीज ज्यादा पहुंचते हैं, जिन्हें मसूड़ों से खून आना, सूजन, प्लाक जमा होना, दांतों में संवेदनशीलता और शुरुआती मसूड़ों की बीमारी जैसी शिकायतें होती हैं. उनका कहना है कि अच्छी बात यह है कि समय पर इलाज और सही देखभाल से इन समस्याओं को बढ़ने से रोका जा सकता है. प्रोफेशनल क्लीनिंग, रोजाना सही तरीके से ओरल हाइजीन बनाए रखना और नियमित डेंटल चेकअप मसूड़ों को गंभीर बीमारी से बचाने में मदद करता है।
क्या सिर्फ खाने की वजह से होती है दिक्कत?
चिकित्सक के मुताबिक लगातार मुंह से बदबू आना सिर्फ खाने की वजह से नहीं होता। यह मसूड़ों की खराब सेहत का शुरुआती संकेत भी हो सकता है. जब मसूड़ों के किनारों पर प्लाक जमा होता है, तो बैक्टीरिया फंसे हुए भोजन के कणों को तोड़ते हैं और सल्फर यौगिक बनाते हैं, जिनकी वजह से बदबू आती है. अगर इसे नजरअंदाज किया जाए, तो यही समस्या आगे चलकर मसूड़ों की गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है.
किन लोगों को इसका सबसे ज्यादा खतरा?
कुछ लोगों में यह खतरा ज्यादा होता है. जिनकी ओरल हाइजीन अच्छी नहीं है, जिन्हें डायबिटीज है, जो धूम्रपान या तंबाकू का सेवन करते हैं या जिनके दांतों में ब्रेसेस लगे हैं, उनमें मसूड़ों के इंफेक्शन की आशंका अधिक रहती है. ब्रेसेस की वजह से दांतों में खाना और प्लाक आसानी से फंस जाता है, इसलिए ऐसे लोगों को सफाई पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. मसूड़ों से ब्रश करते समय खून आना, मसूड़ों में सूजन या लालिमा, लगातार मुंह से बदबू आना, मसूड़ों में दर्द, मसूड़ों का पीछे हटना या दांतों का ढीला महसूस होना ऐसे संकेत हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. समय रहते जांच कराने से मसूड़ों और उन्हें सहारा देने वाली हड्डी को नुकसान पहुंचने से बचाया जा सकता है.
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