Monsoon Session 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में संसद के मानसून सत्र के पहले दिन मीडिया को संबोधित किया. इस दौरान केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, कानून और न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल और राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह भी मौजूद थे. अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि चाहे मानसून हो या मानसून सत्र – अगर दोनों सक्रिय हों, तो वे बहुत फ़ायदेमंद साबित होते हैं और जब दोनों फ़ायदेमंद होते हैं, तो इससे देश का कल्याण होता है और सभी जीवों का भला होता है. इसीलिए हम प्रार्थना करते हैं कि मानसून सक्रिय और फ़ायदेमंद बना रहे और मानसून सत्र भी फ़ायदेमंद साबित हो. लगातार कहीं न कहीं युद्ध की स्थिति बनती है. पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण भारत में भी एक संकट का बहुत बड़ा कारण रहा था. इससे हर विषय में अनेक बाधाएं आई थीं. इसके बाद भी भारत 7.7% की ग्रोथ से आगे बढ़ा. यह भारत के सामर्थ्य का परिचय है.
“युवाओं ने अंतरिक्ष में एक नई उड़ान भरी”
PM मोदी ने कहा कि पिछले साल मॉनसून सत्र से ठीक पहले, भारतीय नागरिक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंचा था और परसों भारत का एक युवा स्टार्टअप ने बहुत बड़ी सिद्धी प्राप्त की है. विश्व के कम ही देश हैं जहां इस तरह के प्राइवेट काम हुए हैं और भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष में एक नई उड़ान भरी है. यह बहुत बड़ी सफलता है और ये जो स्काईरूट स्टार्टअप है उसमें जो युवा काम कर रहे हैं, मुझे बताया गया है कि उनकी पूरी टीम की औसत उम्र सिर्फ़ 28 साल है. ऐसे नौजवानों ने ये काम करके दिखाया है. पिछले दिनों राजस्थान में एक बहुत बड़ी ऑयल रिफाइनरी देश को समर्पित की गई. कुछ हफ़्ते पहले, एक सेमीकंडक्टर प्लांट यानी तीसरा प्लांट देश को समर्पित किया गया. अभी कुछ ही दिन पहले, ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली एक ट्रेन और विश्व में बहुत कम देश हैं जिनके पास यह सुविधा है. लेकिन भारत ने जो हाइड्रोजन ट्रेन देशवासियों को समर्पित की है, वो सबसे ताकतवर इंजन वाली और सबसे लंबी है.
“शोर-शराबे की कोई जरूरत नहीं होती”
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि जहां तर्क, तथ्य होते हैं वहां शोर-शराबे की कोई जरूरत नहीं होती. अगर आपके तर्क और तथ्य मजबूत हैं तो आवाज ऊंची करने की कोई जरूरत नहीं है. मुझे उम्मीद है कि संसद में चर्चाएं तर्क और तथ्यों के आधार पर होंगे. हर आवाज को सुने जाने का मौका मिलना चाहिए. संसद की यही भूमिका है.
बता दें कि मानसून सत्र में सरकार कई अहम विधेयक पेश कर सकती है जिसमें आयकर संशोधन विधेयक 2026 ये बिल पहले जारी किए गए अध्यादेश की जगह लेगा. सर्वोच्च न्यायालय संशोधन विधेयक 2026 जजों की संख्या की संख्या को 33 से बढ़ाकर 37 किया जाएगा. राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथान संशोधन विधेयक 2026 राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को कानूनी संरक्षण मिलेगा. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बताया कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 से 13 अगस्त 2026 तक चलेगा. 25 दिनों तक चलने वाले इस सत्र में कुल 19 बैठकें निर्धारित हैं. इन बैठकों में राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक बहस चर्चा और कई अहम फैसले होंगे.
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