Ram Mandir Donation Scam: संसद के मानसून सत्र की कल 20 जुलाई से शुरुआत होने वाली है. उससे पहले राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज हो गई है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त पत्र लिखकर राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी के मामले में उनकी चुप्पी पर सवाल उठाए हैं. दोनों नेताओं ने पूरे मामले की स्वतंत्र और व्यापक जांच कराने तथा ट्रस्ट के सभी वित्तिय रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की है.
Our joint letter to PM Modi demanding an independent and comprehensive investigation into the financial affairs of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust. Lakhs of devotees who donated their hard- earned money with faith, devotion and trust are feeling betrayed by the… pic.twitter.com/FxrQA0YDk7
— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 19, 2026
पत्र में क्या लिखा है?
प्रधानमंत्री, आप श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित तौर पर हजारों करोड़ रुपये की चोरी के आरोपों से अवगत हैं. लाखों श्रद्धालु, जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई आस्था, श्रद्धा और विश्वास के साथ दान की थी, इन आरोपों के कारण स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. आपने भारत के सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप संसद में इस ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी, लेकिन इसके सदस्यों की नियुक्ति आपकी सरकार द्वारा की गई. यह सार्वजनिक रूप से ज्ञात है कि ट्रस्ट के कई सदस्यों का संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), विश्व हिंदू परिषद (VHP) तथा उससे जुड़े संगठनों से रहा है. ट्रस्ट के पूर्व महासचिव, जो बाद में विवादों में रहे, उन्हें भी आपका करीबी सहयोगी बताया जाता रहा है. ऐसे गंभीर आरोपों के बीच आपकी चुप्पी स्वीकार्य नहीं है. जवाबदेही सुनिश्चित करना और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करना आपकी जिम्मेदारी है. हम आपसे आग्रह करते हैं कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की तत्काल स्वतंत्र, निष्पक्ष और व्यापक जांच के आदेश दिए जाएं. इस जांच में ट्रस्ट को प्राप्त सभी प्रकार के चढ़ावे एवं दान नकद, सोना, चांदी तथा अन्य मूल्यवान अर्पण के प्रबंधन और उपयोग की भी विस्तृत जांच की जाए.
पत्र में आगे लिखा कि जांच पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट तथा ट्रस्ट के वित्तीय लेखे-जोखे को सार्वजनिक किया जाए, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु यह जान सके कि उसके द्वारा श्रद्धा से अर्पित दान का उपयोग किस प्रकार किया गया. जांच में जो भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी पद या प्रभाव में हो, दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए. आपकी सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करेगी कि आप इस मामले में कितनी पारदर्शिता और कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करते हैं.पूरे देश की निगाहें इस पर टिकी हुई हैं.
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