Oribital Rocket : भारत का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 सफलतापूर्वक लॉंच हो गया है। इस उपलब्धि पर पीएम नरेन्द्र मोदी ने इसरों और कंपनी को बधाई दी हैं देश में स्पेस को निजी क्षेत्र के लिए खोल दिए जाने के बाद भारतीय निजी कंपनीयां अंतरिक्ष में अपना कैरियर ढूंढ रही हैं। आज हैदराबाद की स्काईरूट एयरोस्पेस ने भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 लॉन्च किया। यह टेस्ट पहले ही प्रयास में कामयाब रहा। यह लॉन्चिंग आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से दोपहर 12.05 बजे की गई। हैदारबाद की निजी कंपनी स्काईरुट ने 2022 में विक्रम एस सबऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च किया था, जो 89.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक गया था। अब विक्रम-1 450 450 किलीमीटर की पृथ्वी की सर्कुलर निचली कक्षा तक पहुंच गया है।
सोने के कलाम, साराभाई और सीवी रमन भी भेजे गए
कंपनी ने अपने इस मिशन का नाम मिशन आगमन नाम दिया गया है। इसके तहत विक्रम-1 रॉकेट अपने साथ टेक्नोलॉजी से लेकर कला से जुड़े पेलोड्स अंतरिक्ष में भेजे गए हैं। जिनमें कॉस्मोस डायमंड्स की कलाकृति कॉस्मिक ब्लूम और एक खास माइक्रो-आर्ट पीस भी रॉकेट में भेजा गया है। यह माइक्रो-आर्ट पीस 18 कैरेट सोने से बना छोटा सा रॉकेट है। इस पर वैज्ञानिक सर सी वी रमन, डॉ. विक्रम साराभाई और डॉ. कलाम की सूक्ष्म मूर्तियां उकेरी गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ से लिखा गया एक पोस्टकार्ड भी रॉकेट में भेजा गया, जिस पर वंदे मातरम शब्द अंकित हैं।
हल्के कार्बन-कंपोजिट से बना है पूरा रॉकेट
कंपनी ने दी जानकारी के मुताबिक विक्रम-1 पूरी तरह से हल्के और मजबूत कार्बन-कंपोजिट स्ट्रक्चर से बना पहला ऑर्बिटल रॉकेट है। कार्बन फाइबर स्टील की तुलना में पांच गुना हल्का होता है। इससे रॉकेट का वजन कम हो जाता है, जिससे इसकी ईंधन दक्षता बढ़ जाती है। रॉकेट को ऊर्जा देने के लिए इसमें तीन सॉलिड-फ्यूल स्टेज और एक लिक्विड ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल दिया गया है।
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