Rajasthan Politics: राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बयान पर प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि वसुंधरा राजे दुखी आत्मा हैं. दुखी आत्मा के जब शब्द निकलते हैं तो वे ठीक ही निकलते हैं. वे राजेंद्र राठौड़ की ओर देख रही थीं और एक बार उन्होंने सीएम भजनलाल की तरफ भी देखा था. अब उनके खिलाफ कौन क्या षड्यंत्र कर रहा है ये मेरे समझ से परे हैं उन्होंने जो बातें कहीं वो वास्तव में संजीदगी की बात थी की हमको राजनीति में इतना भी बैर नहीं रखना चाहिए कि हम आंख ही नहीं मिले सकें.
“मैं शिक्षा मंत्री की गलत नीतियों का विरोध करता हूं”
कांग्रेस नेता डोटासरा ने आगे कहा कि पंडित राम किशन ने जो बात कही वो वर्तमान समय में शत प्रतिशत लागू हो रही है. मैं उनकी बात से 100 प्रतिशत सहमत हूं कि हूं एक समय था जब एक दूसरे के खिलाफ बहस होती थी फिर जब हाउस अडजर्न होता था तो बैठते थे, चाय पीते थे, चर्चा परिचर्चा करते थे, घर तक जाते थे. आजकल तो अगर मैंने मुख्यमंत्री के खिलाफ कुछ बोल दिया तो मेरे तमाम जो भी जितने भी रिश्तेदार पहचान वाले मेरे इलाके के हैं, उनके सबके ट्रांसफर कर दिए जाए. लक्ष्मणगढ़ के ट्रांसफर सबसे ज्यादा शिक्षा में क्यों हो रहे हैं? क्योंकि मैं शिक्षा मंत्री की गलत नीतियों का विरोध करता हूं. आरएसएस का विरोध करता हूं. मेरे पीछे आरएसएस क्यों पड़ा हुआ है? क्योंकि उनकी गलत जो नीतियां हैं, लोगों को बांटने की, जो व्यमनस्था फैलाने की जो बातें हैं, उनका मैं विरोध करता हूं.
“तुम्हारी मर्जी जो कर लो”
उन्होंने कहा कि किसी को नहीं छोड़ा उनके परिवार में कोई भी अगर कर्मचारी था तो उनको सबको निपटा करके बांसवाड़ा, जैसलमेर, बाड़मेर भेज दिया गया. इस ट्रांसफर से गोविंद डोटासरा न झुका है न झुकेगा. तुमने ईडी भी भेज ली, तुम ट्रांसफर भी कर लो, तुम्हारी मर्जी जो कर लो. 2028 में इनका नाम लेने वाला बच जाए. भारतीय जनता पार्टी का तो मुझे बता देना कि गोविंद डोटासरा तुम बड़ी बातें कर रहे थे. मैं कह रहा हूं यह केवल और केवल एक बात से चुनाव जीतना चाहते हैं 2028 और 29 का कि मोदी और अमित शाह आएंगे, पैसा बहाएंगे, ईडी इनकम टैक्स आएगा, सबको डराएंगे और बंगाल की तरह फोर्स लाकर के वोट ही नहीं डालने देंगे. लेकिन यह राजस्थान है. यहां पर यह होने वाला नहीं है. इनको गलतफहमी है.
राजे के किस बयान पर डोटासरा ने किया पलटवार?
बता दें कि राजस्थान विधानसभा में आयोजित पूर्व और वर्तमान विधायकों के ऐतिहासिक समागम में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने मुख्य वक्ता के तौर पर बोलते हुए कहा कि न केवल सदन की गरिमा और इसके 75 वर्षों के गौरवशाली इतिहास को याद किया बल्कि वर्तमान पीढ़ी के राजनेताओं को राजनीति की मर्यादाओं का पाठ भी पढ़ाया. उन्होंने राजनेताओं के बीच बढ़ती तल्खी पर गहरा प्रहार करते हुए नसीहत देते हुए कहा कि दु्श्मनी जमकर करो लेकिन खिड़की खुली रखो, ताकि जब कभी हम दोस्त हो जाएं तो शर्मिंदा न होना पड़े. राजे ने कहा कि इंसानियत का दायरा राजनीति की लकीरों से कहीं बड़ा होना चाहिए. वैचारिक मतभेद अपनी जगह है, लेकिन हाउस के बाहर नेताओं को एक-दूसरे से खुलकर बात करनी चाहिए और आपसी सम्मान बनाए रखना चाहिए.
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