Sonam Wangchuk Hunger Strike: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और पेपर लीक के खिलाफ राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से कॉकरोच जनता पार्टी का धरना चल रहा है. इस धरने में शामिल मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से अनिश्चिकालीन भूख हड़ताल पर हैं. 18 दिन से आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की तबीयत बेहद खराब है. उनका करीब साढ़े 8 किलो वजन घट चुका है. डॉक्टरों का कहना है कि अगर जल्द ही उन्हें खाना नहीं खिलाया गया तो स्थिति ज्यादा खराब हो सकती है. इसी बीच सोनम वांगचुक की जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है. जिसकी सुनवाई के लिए कोर्ट तैयार हो गया है. कोर्ट की तरफ से केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट गुरुवार को इसपर सुनवाई करेगा. आज कोर्ट में सरकार की ओर से कोई वकील पेश नहीं हुआ था.
“उन्हें जबरन खाना भी खिलाया जाए”
याचिका में हाईकोर्ट से मांग की गई है कोर्ट केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दे कि वे सोनम वांगचुक को तुरंत इलाज उपलब्ध कराएं. जरूरत पड़ने पर उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जाए. जीवन रक्षा के लिए जरूरी हो तो उन्हें जबरन खाना भी खिलाया जाए.
“सरकार से पूछिए की वह बातचीत क्यों नहीं कर रही”
सोनम वांगचुक के समर्थन में देशभर से नेता और फिल्मी हस्तियां आ रही है. अभी हाल ही में नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक समेत हजार से ज्यादा लोगों ने सोनम वांगचुक को पत्र लिखकर उनके संघर्ष का समर्थन करते हुए, अनशन खत्म करने का आग्रह किया. बता दें कि सोनम वांगचुक की लगातार आमरण अनशन से मांसपशियां कमजोर पड़ने लगी है जिसकी वजह से उन्हें काफी तकलीफ हो रही है. जब उनसे अनशन खत्म करने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि मुझसे अनशन खत्म करने के लिए मत कहिए. सरकार से पूछिए की वह बातचीत क्यों नहीं कर रही? सोनम वांगचुक की सेहत पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके की भी प्रतिक्रिया आई है उन्होंने कगा कि जब वे खड़े होने या बैठने की कोशिश करते हैं तो उन्हें चक्कर आ जाते हैं. उन्हें वॉशरूम जाने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वे काफी दिक्कत और दर्द बर्दाश्त कर रहे हैं.



