Business Deals in India-Australia : भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यूरेनियम को लेकर बडा निर्णय हुआ है। ऑस्ट्रेलिया भारत को यूरेनियम देने पर राजी हो गया है। दोनों देशों के बीच हुई डील पर मुहर लग गई है। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग के बाद जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, स्पेस और महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) समेत कई क्षेत्र में समझौतों की घोषणा की।
भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन को मजबूती
मोदी ने कहा- ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम मिलने से भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर भी विकसित करेंगे। कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल बनाया जाएगा, जिससे भारत के गगनयान मिशन को मदद मिलेगी। पीएम ने कहा- क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग हमारी रणनीतिक सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बेहद अहम है। दोनों देश मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर बनाने पर भी काम करेंगे।
भारत – ऑस्ट्रेलिया के बीच कई क्षेत्रों में नए समझौते
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने पीएम मोदी के साथ बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- आज हमने 2015 के भारत-ऑस्ट्रेलिया परमाणु सहयोग समझौते के तहत भारत को यूरेनियम निर्यात की व्यवस्था पर साइन किए हैं। अब तक हमारी सप्लाई चेन तो जुड़ी हुई थी, लेकिन हमारी नीतियां अलग-अलग थीं। आज का यह कदम उस दूरी को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। भारत और ऑस्ट्रेलिया की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को 6 साल पूरे हो चुके हैं। आज दोनों देशों के रिश्ते पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और अहम हैं। हम दोनों देशों के रिश्तों को और गहरा बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। आज रक्षा, सुरक्षा, शिक्षा, विज्ञान-तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे कई क्षेत्रों में नए अहम समझौते हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी और मैंने रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा जारी की है। इससे दोनों देशों के बीच सहयोग और मजबूत होगा। ऑस्ट्रेलिया, भारत को अपना अहम सुरक्षा साझेदार मानता है। हमारा लक्ष्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध बनाना है। दोनों देश रणनीतिक तालमेल बढ़ाएंगे, संयुक्त सैन्य अभ्यासों को मजबूत करेंगे और सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय बनाएंगे।
टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पार्टनरशिप
ऑस्ट्रेलिया, भारत और कनाडा के बीच टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पार्टनरशिप के लिए भी समझौता हुआ है, जिससे नई तकनीकों में तीनों देशों का सहयोग बढ़ेगा। कोकोस (कीलिंग) द्वीप पर स्पेस ट्रैकिंग टर्मिनल बनाया जाएगा, जिससे भारत के गगनयान मिशन को मदद मिलेगी। मध्य पूर्व के संघर्ष का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। इसे देखते हुए दोनों देशों ने ऊर्जा सुरक्षा पर भी संयुक्त बयान जारी किया है। दोनों देशों ने सप्लाई चेन को मजबूत करने, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से बदलाव लाने पर जोर दिया है।
मोदी बोले- दोनों देशों का रिश्ता क्रिकेट जैसा
पीएम ने कहा- भारत और ऑस्ट्रेलिया का रिश्ता क्रिकेट जैसा है। हमारी मुलाकातें क्रिकेट की तरह होती हैं। एजेंडे में वनडे जैसा फोकस है, फैसले टी-20 की तरह तेजी से होते हैं और हमारी साझेदारी टेस्ट मैच की तरह लंबी और मजबूत है। मोदी ने कहा- भारत और ऑस्ट्रेलिया का मानना है कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए एक गंभीर चुनौती है। आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई साझा है और इस क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
यह भी पढ़ें : अमेरिका-ईरान जंग से सेंसेक्स 20 मिनट में 900 अंक टूटा, निवेशक निराश
यह भी देखें: जयपुर रामगंज में कचरे का आतंक! सरकार पर फूटा लोगों का गुस्सा | KBP Times



