Kedarnath Badrinath Temple:अयोध्या राम मंदिर के बाद अब उत्तराखंड के केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिर में भी चढ़ावा चोरी के आरोप लग रहे हैं. उत्तराखंड के धार्मिक संगठन भैरव सेना के अध्यक्ष संदीप खत्री ने बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर समिति को पत्र लिखकर BKTC अध्यक्ष के निजी सहायक पर चोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं. दावा किया जा रहा है कि केदारनाथ-बद्रीनाथ में धाम में आने वाले दान और चढ़ावे की रकम में हेरफेर की जा रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए BKTC के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने निजी सहायक समेत सभी ड्यूटी कर्मचारियों को नोटिस जारी कर 3 दिन के अंदर जवाब मांगा है. इसके साथ मंदिर के CCTV फुटेज को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है.
BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मंदिर समिति की ओर से मामले को गंभीरता से लिया गया है. जिन कर्मचारियों पर आरोप लगे है उनको नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है. उन्होंने कहा कि अगर मंदिर का कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. हालांकि मामले पर सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. सरकार मंदिर समिति की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.
भैरव सेना ने BKTC के मुख्य कार्याधिकारी को ज्ञापन सौंपा
केदारनाथ-बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी की शुरूआत सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो की वजह से हुई. दरअसल, इन वीडियो में मंदिर में दान व्यवस्था और दानपात्रों से निकाली जाने वाली राशि को लेकर सवाल उठाए गए. जिसके बाद भैरव सेना संस्थापक संदीप खत्री ने BKTC को पत्र सौंपा. इस पत्र में BKTC अध्यक्ष के पीए और अन्य कर्मचारियों पर दान के रुपए में गड़बड़ी करने के आरोप लगाए गए. संदीप खत्री का दावा है कि मंदिर समिति के अंदरूनी सूत्रों ने भैरव सेना संगठन तक कथित गड़बड़ी की खबर पहुंचाई थी. उन्हें बताया गया है कि पिछले कुछ समय से दान की गिनती के दौरान हेरफेर की जा रही है. 2 जुलाई को मंदिर के एक सीसीटीवी में कर्मचारी की गतिविधि संदिग्ध दिखाई दी. जिसके बाद भैरव सेना ने BKTC के मुख्य कार्याधिकारी को ज्ञापन सौंपा.
नोटिस जारी कर कर्मचारियों से मांगा जवाब
मीडिया रिपोट्स की मानें तो BKTC के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने BKTC के कर्मचारियों को नोटिस जारी कर निजी सहायत समेत ड्यूटी पर तैनात 4 कर्मचारियों से 3 दिन के अंदर जवाब मांगा है. बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत हेमंत द्विवेदी ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति गठित करने के आदेश दिए हैं. वहीं 2 जुलाई की सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रख लिया गया है.
“दोषी कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा”
मामले पर BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की प्रतिक्रिया आई है. उनका कहना है कि मेरे पास कोई निजी सचिव नहीं है. संबंधित कर्मचारी BKTC का एक नियमित सरकारी कर्मचारी है. जो पूर्व में तीन अलग-अलग अध्यक्षों को कार्यकाल में अपनी सेवाएं दे चुका है. उन्होंने कहा कि अगर जांच में कोई भी कर्मचारी दोषी मिलता है तो उसे बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.वहीं पूरे मामले पर मंदिर समिति की ओर से कहा गया है कि दानपात्रों से चढ़े हुए रुपयों को निकालने की पारदर्शी प्रक्रिया है. रूपये गिनती के दौरान बैंक के कर्मचारी और अधिकृत लोग मौजूद रहते हैं पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होती है.
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