Super Computer : चीन ने सुपरकंप्यूटर की दुनिया में अमेरिका को पीछे छोडते हुए टेक रेस में नंबर-1 का ताज अपने नाम कर लिया है। दुनिया के सबसे ताकतवर सुपरकंप्यूटर्स की टॉप 500 लिस्ट में चीन के लाइनशाइन सिस्टम ने पहला स्थान पाकर अमेरिका की बादशाहत को तगड़ा झटका दिया है.
एक्सपर्ट का इंकार
चीन ने करीब तीन साल बाद इस लिस्ट में वापसी की है, और सबसे बड़ी बात यह है कि इस सुपरकंप्यूटर में चीन ने पूरी तरह से अपने देश में बने डोमेस्किक चिप्स का इस्तेमाल किया है. लेकिन चीन भले ही नंबर 1 की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया हो, लेकिन टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह जीत सिर्फ कागजी या दिखावे के लिए ज्यादा है. आज के समय में टेक्नोलॉजी में एआई का दबदबा है, लेकिन चीन का यह सुपरकंप्यूटर एआई के काम के लिए तैयार नहीं है. जब एआई से जुड़े काम को परखने के लिए इसका टेस्ट लिया गया, तो यह दुनिया में चौथे नंबर पर खिसक गया.
इस रेस में भारत मिड-लीग वर्ग में
ग्लोबल सुपरकंप्यूटिंग की रेस में भारत अभी मिड-लीग यानी मध्यम वर्ग में खड़ा है. भारत के पास अमेरिका या चीन के जैसे सुपरकंप्यूटर्स तो नहीं हैं, लेकिन भारत अपनी क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर को बहुत तेजी से बढ़ा रहा है. नई TOP500 ग्लोबल रैंकिंग में भारत का शक्ति क्लाउड देश का सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर बनकर उभरा है. दुनिया के टॉप सुपरकंप्यूटर्स की इस लिस्ट में शक्ति क्लाउड को 32वां स्थान मिला है.
क्या होता है सुपरकंप्यूटर
सुपरकंप्यूटर दुनिया का सबसे ताकतवर, सबसे तेज और साइज में भी बहुत बड़ा कंप्यूटर होता है. यह हमारे घर या ऑफिस में इस्तेमाल होने वाले नॉर्मल कंप्यूटर से पूरी तरह अलग और लाखों गुना ज्यादा तेजी से काम करता है. इसे आप कंप्यूटरों का बाहुबली भी कह सकते हैं, जो आम कंप्यूटर्स के बस की बात नहीं होती, उन मुश्किल कामों को यह चुटकियों में कर देता है।
कैसे काम करता है सुपरकंप्यूटर?
एक रिपोर्ट के अनुसार हमारे घर या ऑफिस में इस्तेमाल होने वाले सामान्य कंप्यूटर में ज्यादातर एक ही सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट यानी सीपीयू या फिर प्रोसेसर होता है. लेकिन सुपरकंप्यूटर इससे बिल्कुल अलग होता है-
– सुपरकंप्यूटर में एक नहीं, बल्कि हजारों प्रोसेसर एक साथ मिलकर काम करते हैं.
– इन सभी प्रोफेसर्स को छोटे-छोटे ग्रुप्स में बांट दिया जाता है, जिन्हें नोड्स कहते हैं. एक बड़े सुपरकंप्यूटर में ऐसे दस हजार से भी ज्यादा नोड्स हो सकते हैं.
– ये सभी नोड्स आपस में एक बहुत ही फास्ट नेटवर्क के जरिए कनेक्ट होते हैं. इसकी मदद से ये सारे प्रोसेसर एक टीम की तरह मिलकर किसी एक बड़ी समस्या या टास्क को चुटकियों में सॉल्व कर देते हैं.
– डेटा को तेजी से स्टोर करने और प्रोसेस करने के लिए इनमें बेहद एडवांस मेमोरी और स्टोरेज सिस्टम का इस्तेमाल होता है.
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