Earthquake : दक्षिण अमेरिका के वेनेजुएला में दो ताकतवर भूकंप से तबाही मच गई है। वेनेजुएला में बुधवार शाम 6.04 बजे 7.2 और 6.05 बजे 7.5 तीव्रता के दो झटके आए। उस समय भारत में गुरुवार तड़के 3.34 और 3.35 बजे थे। लोगों ने बताया कि भूकंप के बाद 60 सेकेंड तक शहर हिलता रहा। 20 ऑफ्टरशॉक भी दर्ज किए गए हैं। न्यूज एजेंसी के मुताबिक अब तक 164 मौतों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 971 घायल हैं। ये भूकंप ऐसे दिन आए, जब पूरे देश में राष्ट्रीय अवकाश था। 1821 में स्पेन के खिलाफ आजादी की लड़ाई की ऐतिहासिक जीत की सालगिरह पर स्कूल और दफ्तर बंद थे। इसी वजह से ज्यादातर लोग अपने घरों में मौजूद थे।भूकंप से 10 हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका है। वहीं, आशंका एक लाख लोगों के जान गंवाने की भी है। अब तक 164 मौतों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 971 से घायल हैं। दोनों भूकंप राजधानी कराकस से करीब 290 किलोमीटर पश्चिम में आए। इससे कई शहरों में इमारतें गिर गईं या खतरनाक तरीके से झुक गईं। कराकस एयरपोर्ट की छत का कुछ हिस्सा गिर गया। इससे धूल का गुबार उठता दिखाई दिया।
भारत में गुरुवार तडके साढे तीन बजे
भारतीय समय अनुसार गुरुवार तडके साढे तीन बजे के आस पास और वेनेजुएला के समय अनुसार बुधवार शाम को दो 6.34 बजे 7.2 और 6.35 बजे 7.5 तीव्रता के झटके आए।
तबाही के मंजर
वेनेजुएला में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद राजधानी कराकस के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है। एहतियात के तौर पर कराकस और पड़ोसी मिरांडा राज्य में मेट्रो और ट्रेन सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। गुरुवार सुबह कराकस के पश्चिमी हिस्से के कई इलाकों में अंधेरा छाया रहा। भूकंप के झटकों से कई पानी की पाइपलाइनें फट गईं, जिससे सड़कों पर पानी भर गया। प्रशासन प्रभावित इलाकों में बिजली और पानी की व्यवस्था बहाल करने के साथ-साथ राहत एवं बचाव अभियान चला रहा है। कई जगहों पर क्षतिग्रस्त इमारतों की जांच और मलबा हटाने का काम भी जारी है।
वेनेजुएला में भूकंप के बाद गैस सप्लाई रोकी
भूकंप के बाद सरकार ने प्रभावित इलाकों में गैस सप्लाई अस्थायी रूप से बंद कर दी है। गृह मंत्री डियोसदादो काबेलो ने कहा कि कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है। गैस रिसाव या विस्फोट जैसी घटनाओं से बचने के लिए एहतियातन यह फैसला लिया गया है।
पीएम मोदी बोले- वेनेजुएला की हरसंभव मदद को तैयार भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप पर गहरा दुख जताया है। मोदी ने ग् पर लिखा कि भारत इस मुश्किल समय में वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है और जरूरत पड़ने पर हरसंभव सहायता देने के लिए तैयार है।
126 साल में सबसे बड़ा भूकंप, देश में इमरजेंसी
वेनेजुएला में यह पिछले 126 साल का सबसे बड़ा भूकंप है, इससे पहले 1900 में
7.7 का तीव्रता का भूकंप आया था। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया।
अंतरराष्ट्रीय मदद की जरूरत पड़ेगी
विपक्षी नेता एडमंडो गोंजालेज उरुतिया ने कहा है कि वेनेजुएला को इस आपदा से उबरने के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद की जरूरत पड़ेगी। उनका दावा है कि सरकार के पास इतनी बड़ी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की क्षमता नहीं है। गोंजालेज ने सोशल मीडिया पर कहा कि भूकंप के कई घंटे बाद भी नुकसान की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। उनके मुताबिक, सरकार की प्रतिक्रिया और राहत व्यवस्था लोगों की जरूरत के हिसाब से पर्याप्त नहीं है।
8 देश मदद के लिए आगे आए
दक्षिण अमेरिका के 8 देशों ने वेनेजुएला हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। ब्राजील, अर्जेंटीना, पेरू, मेक्सिको, कोलंबिया, बोलीविया, कोस्टा रिका और एल सल्वाडोर ने संवेदना व्यक्त करते हुए राहत और बचाव कार्य में सहयोग की पेशकश की है। इन देशों की सरकारों ने अलग-अलग बयान जारी कर भूकंप में जान गंवाने वालों के प्रति शोक व्यक्त किया। साथ ही कहा कि जरूरत पड़ने पर वे राहत सामग्री, मानवीय सहायता और रेस्क्यू टीम उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं।
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