Thalapathy Vijay News:तमिलनाडु में सरकार गठन के मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अगर हम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार जाएं तो कोई राष्ट्रपति शासन नहीं होना चाहिए. कितने ऐसे केस हैं जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि चुनाव के बाद अकेली सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए. यही हुआ था जब अटल बिहारी वाजपेयी ने 13 दिन की हुकूमत बनाई, तब राष्ट्रपति ने उनसे नहीं कहा था कि पहले संख्या दिखाएं. उनकी सरकार आई, जब उनके पास संख्या नहीं थे तो उन्होंने इस्तीफा दिया. आज भी विजय को सरकार बनाने का मौका दिया जाना चाहिए, विधानसभा में वे अपनी संख्या साबित कर पाए तो रहेंगे नहीं तो इस्तीफा देना पड़ेगा.
“राज्यपाल किसके लिए काम कर रहे हैं?”
तमिलनाडु के राज्यपाल द्वारा TVK से सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों के समर्थन की मांग पर कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि अगर सबसे बड़ी पार्टी सरकार बनाने का दावा कर रही है तो उन्हें सरकार बनाने देना चाहिए और राज्यपाल के आवास पर नहीं सदन में बहुमत साबित करने दें. राज्यपाल किसके लिए काम कर रहे हैं?
“राजभवन में एजेंट बैठे हैं”
शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने कहा कि TVK के 108 विधायक चुनकर आएं हैं. संविधान कहता है कि सबसे बड़ी पार्टी को सबसे पहले बुलाया जाता है और बहुमत सिद्ध करने का जो फ्लोर है वो विधानसभा है. भारतीय जनता पार्टी के जो राजभवन में एजेंट बैठे हैं, नाम तो लोकभवन किया है न, नाम का लोकभवन है. 108 वाले पार्टी को सबसे पहले बुलाना चाहिए, ये हमारा संविधान कहता है.
“जनादेश का सम्मान करना चाहिए”
CPI नेता डी. राजा ने तमिलनाडु में सरकार के गठन पर कहा कि राज्यपाल को सबसे बड़ी पार्टी TVK को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए. यही हमारी पार्टी का स्टैंड है. राज्यपाल को संविधान का पालन करना चाहिए. हमारी पार्टी की बैठक चेन्नई में हो रही है. दिल्ली में भी हमारी पार्टी की बैठक होगी. आज शाम तक हम घोषणा करेंगे. जनादेश का सम्मान करना चाहिए, जनादेश मुख्य तौर पर TVK के हक में है.



