Punjab Bomb Blast: भाजपा के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अमृतसर और जालंधर में हुए धमाकों पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि बीते कुछ घंटों में पंजाब दो बहुत खतरनाक वारदातें हुई हैं, दो बम ब्लास्ट हुए हैं एक जालंधर और दूसरा अमृतसर. हम इसकी निंदा करते हैं. स्थिति बहुत चिंताजनक है ये बम ब्लास्ट पंजाब की अमन और अशांति के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश है. शुरुआती जांच में ये पाया कि इस वारदात के पीछे पाकिस्तान के ISI का हाथ है. दूसरी ओर पंजाब के सीएम बयान दे रहे हैं कि इस वारदात के पीछे पाकिस्तान के ISI का हाथ नहीं है बल्कि भाजपा का हाथ है. तो मैं सीधे तौर पर पूछना चाहता हूं कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पाकिस्तान के ISI को क्यों क्लीन चिट देना चाहते हैं और क्या उनकी भाजपा और अपने पॉलिटिकल अपोनेंट से इतनी दुश्मनी हो गई है कि आज उस पॉलिटिकल अपोनेंट पर दोषारोपण करने के लिए उन्हें पाकिस्तान के ISI के गोद में जाकर बैठना पड़ रहा है.
“ISI को क्यों क्लीन चिट दे रहे हैं”
राघव चड्ढा ने आगे कहा कि भगवंत मान ISI को क्यों क्लीन चिट दे रहे हैं, ये तो वो ही बता पाएंगे. क्या उन पर किसी और का इन्फ्लुएंस है? किसी शख्स ने उन्हें कहा कि आप इस प्रकार का बयान दीजिए? या उन्होंने कोई ऐसे पदार्थ का सेवन किया है? लेकिन ये बयान बहुत गंभीर है. सीधे तौर पर ये एक प्रो-पाकिस्तान और एंटी-इंडिया बयान है. इन बयानों से एक डेमोक्रेटिकली इलेक्टेड चीफ मिनिस्टर को बचना चाहिए और अपने सूबे के जो लॉ एंड ऑर्डर के हालात हैं उनका जायजा लेकर, उसे मजबूत कैसे किया जाए, इस बम ब्लास्ट के पीछे जो लोग हैं उन्हें पकड़ा कैसे जाए, इस इन्वेस्टिगेशन को कन्क्लूजन की ओर कैसे ले जाया जाए, उस विषय पर काम करना चाहिए. अपने सूबे के लोगों को विश्वास में लेना चाहिए, न कि इस प्रकार के गैरजिम्मेदार बयान देने चाहिए.
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क्या बोले थे भगवंत मान?
पंजाब में हुए धमाकों पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि भाजपा का यह काम करने का तरीका है कि जिस राज्य में चुनाव लड़ना है पहले वहां दंगे करवा दो, छोटे-मोटे धमाके करवा दो, धर्म, जाति के नाम लोगों को बांट दो. यह भाजपा की चुनाव की तैयारी है. कानून-व्यवस्था बनी रहेगी और दोषियों को सख्त सज़ा होगी. मैं भाजपा को कहना चाहता हूं कि पंजाब ने बहुत काले दिन देख लिए हैं, अब पंजाबी यह बर्दाश्त नहीं करेंगे. पंजाबी शांतिप्रिय लोग है, हम दुनिया का भला मांगने वाली गुरुवाणी पढ़ते हैं.



