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देशभर के करोड़ों लोगों तक मोबाइल पर एक साथ पहुंचेगा अलर्ट का मैसेज, ट्रायल पर काम

Alert Message Trial : भविष्य में यदि सरकार को देशभर के लोगों को एकसाथ मैसेज भेजना हो या कोई चेतावनी देनी हो, सतर्क करना हो तो भारत सरकार देशभर में एक नए मोबाइल-आधारित डिजास्टर अलर्ट सिस्टम का ट्रायल कर रही है. इस दौरान लोगों के मोबाइल फोन पर टेस्ट मैसेज आ सकते हैं. सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि इन मैसेज को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ये सिर्फ सिस्टम की जांच के लिए भेजे जा रहे हैं. सरकार का कहना है कि इस पहल का मकसद आपदा के समय लोगों तक सही जानकारी जल्दी पहुंचाना है.

कौन कर रहा है यह ट्रायल

यह ट्रायल Department of Telecommunications (DoT) द्वारा किया जा रहा है, जिसमें National Disaster Management Authority (NDMA) भी शामिल है. दोनों मिलकर देश में मोबाइल के जरिए आपदा से जुड़ी जानकारी देने की प्रणाली को और बेहतर बना रहे हैं. सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी आपदा या इमरजेंसी की स्थिति में लोगों को समय रहते चेतावनी मिल सके, ताकि नुकसान को कम किया जा सके.

कैसे काम करता है यह सिस्टम

यह अलर्ट सिस्टम ‘कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल’ (CAP) पर आधारित है, जिसे International Telecommunication Union ने सुझाया है. यह सिस्टम देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पहले से सक्रिय है. इस तकनीक के जरिए किसी खास इलाके में मौजूद मोबाइल यूजर्स को SMS के माध्यम से आपदा से जुड़ी चेतावनी भेजी जाती है. इसका फायदा यह है कि केवल उसी क्षेत्र के लोगों को अलर्ट मिलता है, जहां खतरा होता है.

Cell Broadcast टेक्नोलॉजी क्या है

SMS के अलावा अब Cell Broadcast (CB) टेक्नोलॉजी भी जोड़ी गई है. इस तकनीक के जरिए किसी एक इलाके में मौजूद सभी मोबाइल डिवाइस पर एक साथ मैसेज भेजा जा सकता है. इससे अलर्ट लगभग रियल-टाइम में लोगों तक पहुंच जाता है. यह सिस्टम खासतौर पर बड़े पैमाने पर लोगों को तुरंत सूचना देने के लिए बेहद प्रभावी माना जा रहा है.

भारत में ही हुआ है डेवलप

इस पूरे सिस्टम को भारत में ही Centre for Development of Telematics (C-DoT) ने डिजाइन और डेवलप किया है. यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल का भी एक अच्छा उदाहरण है, जिसमें देश की अपनी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. सरकार इसे लॉन्च करने से पहले इसकी विश्वसनीयता और परफॉर्मेंस को अच्छे से जांचना चाहती है, इसलिए फिलहाल पूरे देश में इसका ट्रायल चल रहा है.

लोगों को क्या करना चाहिए

ट्रायल के दौरान आपके मोबाइल पर अंग्रेजी, हिन्दी या किसी क्षेत्रीय भाषा में टेस्ट मैसेज आ सकते हैं. सरकार ने साफ कहा है कि इन मैसेज को इग्नोर करें और घबराएं नहीं. ये केवल सिस्टम की जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि असली आपदा के समय यह सिस्टम सही तरीके से काम करे.

क्यों जरूरी है यह सिस्टम

भारत जैसे बड़े और विविधता वाले देश में आपदाएं कभी भी आ सकती हैं, जैसे बाढ़, भूकंप, चक्रवात या भारी बारिश. ऐसे में अगर लोगों को समय रहते सही जानकारी मिल जाए, तो जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है. यह नया मोबाइल अलर्ट सिस्टम उसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जो भविष्य में लोगों की सुरक्षा को और मजबूत करेगा.

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