Hormuz : इस्लामाबाद में होने वाली अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर संशय खडा हो गया है। दरअसल अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी कर ईरानी जहाजों पर रोक लगा रखी हैं ईरान इसी बात को लेकर अमेरिका से खफा है और शांति वार्ता से इंकार कर दिया है। अब खबर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर से फोन पर बात की। एक पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्र के मुताबिक, ट्रम्प ने कहा कि वे होर्मुज पर लगे ब्लॉकेड को लेकर उठाई गई चिंताओं पर विचार करेंगे। सूत्र के अनुसार, दोनों के बीच इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। आसिम मुनीर ने ट्रम्प से कहा कि अगर होर्मुज पर रोक जारी रही, तो ईरान के साथ बातचीत आगे नहीं बढ़ पाएगी। इसके जवाब में ट्रम्प ने कहा कि वे इस पर सोचेंगे। अमेरिका और ईरान के तनाव बढ़ने की वजह ट्रम्प की ईरान को धमकी और ईरानी जहाज ‘टूस्का’ को कब्जे में लेना है। इसे लेकर ईरान ने नाराजगी जताई और इसे समुद्री डकैती करार दिया और कहा कि वे जल्द इसका जवाब देंगे।
अमेरिका-ईरान की बातचीत पर सस्पेंस
होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच दूसरी दौर की बातचीत होगी या नहीं, इसे लेकर सस्पेंस बना हुआ है। ईरान ने कहा कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी सीजफायर के समझौते का उल्लंघन है और अमेरिका की धमकी भरी भाषा से हालात और खराब हो रहे हैं। इन परिस्थितियों में बातचीत की उम्मीद बहुत कम है। वहीं अल जजीरा की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि बातचीत एक नहीं बल्कि कई दिनों तक चल सकती है। कोशिश यह है कि एक अस्थायी समझौता यानी साइन हो जाए, जिससे सीजफायर आगे बढ़ सके और करीब 60 दिन का समय मिल जाए ताकि बड़ा शांति समझौता तैयार किया जा सके। लेकिन यह सब तभी संभव है जब ईरान इसमें हिस्सा ले।



