West Bengal Elections 2026: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आज(17 अप्रैल) पश्चिम बंगाल के बैष्णबनगर में चुनावी जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि ममता दीदी दिल से कह रही थीं कि अगर बंगाल में बीजेपी की सरकार आती है, तो लोग मांस खाना और मांस बंद कर देंगे, तो, ममता दीदी यह भूल गईं कि असम में पिछले 10 सालों से बीजेपी की सरकार है और असम के लोग खूब मांस खाते हैं. ठीक है ना? इसलिए, मैं ममता दीदी को असम आने का न्योता देता हूं कि आप असम में आइए आप और मैं दोनों साथ बैठकर मांस खाने का मुक़ाबला करेंगे. कौन ज़्यादा खा सकता है? क्या आप ज़्यादा खा सकती हैं या मैं ज़्यादा खा सकता हूं? TMC और बीजेपी दोनों पार्टियों के लोग आएं. दोनों मिलकर मटन और चिकन खाने का मुक़ाबला करेंगे.
“ममता दीदी के पास हाथ में कोई मुद्दा नहीं”
असम सीएम ने आगे कहा कि ममता दीदी के पास हाथ में कोई मुद्दा नहीं है. कल या परसों मैंने देखा, एक बार मंच पर इधर जाती हैं, कभी उधर जाती हैं. इधर से उधर, उधर से इधर. मुझे लगता है कि इसमें भी, उनकी तीव्रता थोड़ी कम हो गई है. उन्हें थोड़े आराम की ज़रूरत है। किसलिए? इस बार, उनके मन में डर बैठ गया है. नरेंद्र मोदी का डर, बंगाल के लोगों का डर, इस बार उनके दिमाग में घुस गया है. जो भी मीटिंग में आते हैं, वह भगवान का नाम कम लेता है, नरेंद्र मोदी और अमित शाह का नाम ज़्यादा लेते हैं. हर मीटिंग में, सिर्फ़ नरेंद्र मोदी और अमित शाह. अगर मीटिंग में आए हो, तो बंगाल के विकास के बारे में बोलो. कितनी सड़कें बनी हैं, कितने स्कूल और कॉलेज बने हैं.
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“तो घुसपैठिए हर दिन आते रहेंगे”
उन्होंने कहा कि अगर सरकार नहीं बनेगी, तो यह सीमा कभी सील नहीं होगी. अगर सरकार नहीं बनेगी, तो घुसपैठिए हर दिन आते रहेंगे. घुसपैठिए उधर से आएंगे और बाड़ इधर से लगाई जाएगी. घुसपैठिए उधर से आएंगे और गौ माता को इधर से हटा दिया जाएगा. इसलिए मैं हर सभा में बोलता हूं कि एक बार भाजपा आने दीजिए, घुसपैठियों को पश्चिम बंगाल से लात मार-मारकर हम लोग निकालेंगे. हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि अगर ममता दीदी से BSF ज़मीन मांगते हैं कि हमें सीमा पर बाड़ लगाने के लिए ज़मीन चाहिए. ममता दीदी BSF को ज़मीन नहीं देती हैं. क्यों? क्योंकि उन्हें घुसपैठिए चाहिए और घुसपैठियों के साथ ही उनका ‘इलू-इलू’ है. आई लव यू, आई लव यू है, हमारे साथ नहीं है.
“बांग्लादेशी मुसलमान का अड्डा बन जाएगा”
वहीं मालदा में मीडिया से बातचीत के दौरान असम सीएम ने कहा कि इस जनगणना के बाद बंगाल की जनसांख्यिकी और बदल जाएगी. बंगाल में मुस्लिम आबादी 32% और असम में 36% हो जाएगी. जब तक त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल मिलकर काम नहीं करेंगे, बांग्लादेशी भारत आते रहेंगे. घुसपैठ तभी रुक सकती है जब तीनों राज्य और मेघालय मिलकर काम करें. हर जनगणना में मुस्लिम आबादी 4-5% बढ़ी है. असम में भी ऐसा हो रहा है. मैं बंगाल के लोगों से अपील करता हूं कि देश को बचाना आपके हाथ में है. अगर बंगाल, असम, त्रिपुरा और मेघालय मिलकर काम नहीं करेंगे, तो देश बिखर जाएगा, बांग्लादेशी मुसलमान का अड्डा बन जाएगा.



