KBP Times

आशा के बाद शमशाद बेगम की याद; भारत की पहली पार्श्व गायिका जिसकी आवाज की दीवानी बनी दुनिया

Shadshad Begum birth anniversary

shamshad : प्रसिद्व गायिका आशा भोसले की यादों के बीच आज भारत की पहली प्लेबैक सिंगर शमशाद बेगम की याद आ गई। आज 14 अप्रैल को की शमशाद बेगम की 107वीं जयंति है। स्वतंत्रता से पहले पैदा हुई पीढी शमशाद बेगम के गानों की दीवानी रही। कहा जाता है कि उस दौर के संगीतकार लता मंगेश्कर और आशा भोसले से कहा करते थे इनकी तरह गाया करो, किशोर कुमार उनकी कुर्सी उठाया करते थे।

गाने का शौक

शमशाद महज 10 साल की थीं, जब उन्होंने शादियों में गाना शुरू कर दिया। नन्ही सी बच्ची की आवाज इतनी बुलंद थी कि हर बार उन्हें ही गाने के लिए बुलाया जाने लगा। कुछ रिश्तेदार खुद होकर एक आना दे दिया करते थे। एक दिन शमशाद ने स्कूल के प्रोग्राम में कोरस में गाना गाया। प्रिंसिपल आवाज सुनकर दंग रह गईं। उन्होंने पास बुलाकर कहा- देखना, एक दिन तुम परिवार का नाम रोशन करोगी। इसके बाद उन्हें स्कूल प्रेयर की हेड सिंगर बना दिया गया।

2 लाइनें सुनकर म्यूजिक डायरेक्टर ने दिए 12 गाने

शमशाद की आवाज आस-पड़ोस में पहचान बना रही थी, लेकिन पिता मियां हुसैन इससे काफी चिढ़ते। उन्हें बेटी का गाना पसंद न था। रूढ़िवादी परिवार में गाना सुनना भी हराम था। घर में रेडियो तक नहीं था। लेकिन 1931 में उनके चाचा आमिर गजल, कव्वाली के बड़े फैन थे। एक रोज उन्होंने शमशाद को गाते सुना और उन्हें हुनर परखने में देर न लगी। जैसे ही उन्हें पता चला कि लाहौर में जेनोफोन म्यूजिक कंपनी के ऑडिशन हो रहे हैं, वो परिवार से छिपकर शमशाद को अपने साथ ले गए। ऑडिशन में मशहूर सिगंर गुलाम हैदर, जो कंपनी के म्यूजिक डायरेक्टर थे ने 12 गानों का कॉन्ट्रैक्ट दिया। तय हुआ कि हर गाने के 12 रुपए मिलेंगे। घर लौटकर जब चाचा ने ये खबर पिता को दी, तो वो खूब नाराज हुए। नाराजगी चरम पर थी। लंबी बहस के बाद चाचा ने भाई मियां हुसैन को समझाया कि ये हुनर हर किसी में नहीं होता, अगर पूरी दुनिया गाना गा रही है तो तुम्हें क्यों ऐतराज है। आखिरकार वो मान गए, लेकिन शर्तों पर।

भारत की पहली प्लेबैक सिंगर

उस बच्ची ने हुनर और गूंजती आवाज से वो कमाल दिखाया कि भारत की पहली प्लेबैक सिंगर बनीं और ‘सैंया दिल में आना रे’, ‘कजरा मोहब्बत वाला.’ और ‘मुगल-ए-आजम’ का मशहूर गाना ‘तेरी महफिल में किस्मत आजमां कर हम भी देखेंगे’, जैसे 6 हजार गाने गाए। करीब 100 साल बाद भी उनके गाने सुने और रीमिक्स किए जाते हैं।

यह भी पढें: सुरों की मलिका आशा भोसले के जीवन के यादगार किस्से

ताउम्र बुर्का पहनकर गाया

जब सिंगर्स को एक गाने के लिए 100 रुपए फीस दी जाती थी, तब फिल्ममेकर्स शमशाद को 2000 रुपए फीस देने के लिए भी राजी हो जाया करते थे। पिता की शर्त में ताउम्र बुर्का पहनकर गाया। पाबंदी ऐसी कि जवानी के दिनों में कोई तस्वीर तक क्लिक नहीं करवाई। फिल्मों में हीरोइन बनने के बड़े मौके भी पिता के गुस्से के भेंट चढ़े।

यह भी देखें : “अब शहर में डर लगता है…” जयपुर में सरेआम छेड़छाड़ की वारदात पर बोलीं छात्राएं | KBP Times

 

ताजा खबरें

ताजा खबरें

Supreme Court Hearing on jantar mantar

सुप्रीम कोर्ट में जंतर-मंतर हिंसा से जुड़ी शिकायतों पर सुनवाई, गवाह ऑनलाइन भी दे सकेंगे बयान

Tilak and nitish winner of match

भारत ने रोमांचक मैच में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराया, तिलक-नीतीश ने हारा हुआ मैच जिताया

ATS Mumbai Action

मुंबई के माहिम इलाके से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा संदिग्ध युवक गिरफ्तार, फोन में मसूद अजहर की ऑडियो क्लिप मिली

Plane Accident in philipins

फिलीपींस में हवा में आपस में टकराए दो विमान, 4 पायलटोें की मौत; ट्रेनिंग के दौरान हादसा

Hormuz Strain in Iran Revolutionary Guard

होर्मुज में जहाजों पर हमलों के बाद आवाजाही रुकी, ईरान का तेल सप्लाई रोके जाने का दावा

India-China Border dispute

भारत-चीन सीमा विवाद का अंतिम निर्धारण होना बाकी, ITBP चीफ बोले- अरुणाचल में चीन से झड़पें

Charu meena Pro

चारू मीणा बनीं जनसंपर्क अधिकारी, जयपुर कलेक्ट्रेट में संभाला पदभार

Email get mumbai mayor

मुंबई की मेयर को ईमेल; अमिताभ बच्चन का बंगला उड़ाने, दिलजीत दोसांझ को मारने की धमकी

Protest in delhi

दिल्ली में बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया

2

2