Middle East war:अमेरिका और ईरान के बीच 45 दिन के सीजफायर को लेकर बातचीत चल रही है. मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर हमले किए जा सकते हैं, जिसकी तैयारी इजरायल और अमेरिका ने कर ली है. अगर समझौता होता है तो पहले 45 दिन का सीजफायर लागू किया जाएगा, उसके बाद स्थायी शांति समझौते पर बातचीत की जाएगी. इस बातचीत में मिस्त्र, पाकिस्तान और तुर्किये मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. अगले 48 घंटों में डील के लिए आखिरी मौका है. अमेरिका और इजरायल ने ईरान के ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्टर ठिकानों पर हमले की योजना तैयार कर रखी है. फिलहाल ईरान होर्मुज स्ट्रेट और अपने परमाणु कार्यक्रम जैसे अहम मुद्दों पर रियासत देने के मूड में नहीं दिख रहा है.
ईरान के लिए ट्रंप ने बढ़ाई डेडलाइन?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान को होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए समझौता करने या फिर बुनियादी ढांचों पर हमला करने के लिए दी गई अपनी निर्धारित डेडलाइन को 24 घंटे के लिए बढ़ा दिया है. ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मंगलवार को ईरान में पावर प्लांट दिवस और ब्रिज दिवस दोनों एक साथ मनाए जाएंगे. ऐसा पहले कभी नहीं होगा. पागलो, होर्मुज खोल दे, वरना नरक में रहोगे-बस देखते रहो. ट्रंप ने वॉल स्ट्रीट जर्नल से बात करते हुए कहा कि हमारी स्थिति मजबूत है उस देश को पुनर्निर्माण में 20 साल लगेंगे.
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ईरान ने ट्रंप की धमकियों पर क्या कहा?
ईरानी संसद स्पीकर एमबी गालिबाफ ने ट्रंप की धमकियों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि युद्ध अपराधों से आपकों कुछ हासिल नहीं होगा. उनका वास्तविक समाधान ईरानी लोगों के अधिकारों का सम्मान करना और खतरनाक खेल को समाप्त करना है.



