EC and TMC : पश्चिम बंगाल के चुनाव में ममता बनर्जी ने भाजपा और केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वे पूरे राज्य को ही खत्म करने की साजिश कर रहे हैं। उधर चुनाव आयोग ने बुधवार को माना कि पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट में तकनीकी गड़बड़ी हो गई थी। डिस्प्ले एरर की वजह से वोटर्स का नाम जांच के दायरे में दिखा रहा था। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि तकनीकी टीम ने करीब 2 घंटे में समस्या ठीक कर दी। आयोग इस गड़बड़ी की जांच कर रहा है। एक दिन पहले मंगलवार शाम को बंगाल में जब कई लोगों ने अपना वोटर स्टेटस चेक किया, तो उनके नाम के आगे (जांच के दायरे में) दिख रहा था। यह उन लोगों के साथ भी हुआ जिनका नाम पहले से ही फाइनल वोटर लिस्ट में शामिल था। सत्ताधारी पार्टी टीएमसी ने इस पर सवाल उठाए और कहा कि इससे ऐसा लग रहा था जैसे सभी वोटरों पर शक किया जा रहा हो। हालांकि चुनाव आयोग ने सिर्फ इसे टेक्निकल एरर बताया।
बंगाल राज्य को खत्म करना चाहती है भाजपा
उधर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, वे बंगाल राज्य को ही खत्म करना चाहते हैं। बहुत सारी प्लानिंग हो चुकी है। आपको बिहार में मिला दिया जाएगा। मैंने नॉर्थ बंगाल का बंटवारा रोक दिया है। यह कुछ दिन पहले ही सोशल नेटवर्क पर सामने आया था, और मैंने उसी दिन अपनी आवाज उठाई थी। याद रखें, मैंने लोगों के हक के लिए सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी है। ममता बनर्जी ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि इस बात की गंभीर चिंता है कि असली वोटर्स के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। इसके अलावा लोगों को किस आधार पर भारतीय वोटर माना गया है। इसका भी जवाब देना होगा।
पूजा पंडाल लगाने की भी परमिशन
पश्चिम बंगाल में मंदिर में दर्शन करने के बाद BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, मुझे यहां मां के दरबार में आशीर्वाद मिला। मैंने मां काली के सामने भी प्रार्थना की क्योंकि इस राज्य में पूजा पंडाल लगाने के लिए हाई कोर्ट से परमिशन लेनी पड़ती है, जबकि नमाज पढ़ने के लिए परमिशन दी जाती है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। हमने राज्य को श्सोनार बांग्लाश् और विकसित बंगाल बनाने के लिए मां से आशीर्वाद मांगा है।
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