Jaipur Metro Expansion Plan: राजधानी जयपुर में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की कवायद तेज हो गई है. सिटी को घनी आबादी वाले इलाकों से जोड़ने के लिए जगतपुरा, आमेर, बगराना(आगरा रोड) आईएसबीटी हीरापुरा तक मेट्रो विस्तार की नई कार्ययोजना तैयार की जाएगी. लेकिन नई कार्ययोजना ने एक बार फिर बस्सी मुख्यालय के लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. जबकि पूर्व में कांग्रेस सरकार बस्सी तक मेट्रो लाने की डीपीआर बनाने की घोषणा कर चुकी थी. मुख्यमंत्री कार्यालय में शुक्रवार को सीएम भजनलाल शर्मा ने जयपुर मेट्रो परियोजना की समीक्षा बैठक ली. बैठक में मेट्रो फेज-2 साथ-साथ फेज-1सी(बड़ी चौपड़-ट्रांसफोर्ट नगर) और फेज-1डी(मानसरोवर-अजमेर रोड चौराहा) की प्रगति पर चर्चा की गई. अधिकारियों ने अलाइनमेंट, प्रस्तावित रूट और कार्ययोजना को प्रेजेंटेशन के जरिए प्रस्तुत किया.
कांग्रेस की सरकार में बस्सी तक मेट्रो चलाने की घोषणा
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने बजट में मेट्रो संचालन बस्सी तक करने की घोषणा की थी. डीपीआर तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू करने की भी बात कही गई थी. जब सरकार बदली तो यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई. अब राज्य की बीजेपी सरकार मेट्रो रूट का विस्तार केवल कानोता तक ही सीमित करने पर विचार कर रही है. बता दें कि बस्सी जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बसा हुआ है. बस्सी इतना बड़ा शहर होते हुए भी यहां रोडवेज बसों का ठहराव बहुत कम होता है. यहां सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव भी नहीं होता है. कांग्रेस सरकार ने जयपुर के दक्षिणी हिस्से को बस्सी से जोड़ने के लिए रिंग रोड से बस्सी तक 600 फीट सेक्टर रोड स्वीकृत कर दिया था, जिसका डिमार्गेशन भी हो गया था, लेकिन सरकार बदलते ही वह भी ठण्डे बस्ते में चला गया.
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आमेर के लिए 2 संभावित रूट प्रस्तावित
सीएम भजनलाल की बैठक में मेट्रो के नए विस्तार के लिए कई रूट विकल्पों पर चर्चा हुई. आमेर के लिए 2 संभावित रूट प्रस्तावित किए गए. एक बड़ी चौपड़ से जोरावर सिंह गेट तक अंडरग्राउंड और आगे एलिवेटेड ट्रैक के जरिए आमेर तक दूसरा गलता गेट से दिल्ली बायपास और जलमहल होते हुए आमेर तक पहुंचने का विकल्प है. अंडरग्राउंड हिस्से की लागत ज्यादा होने के कारण इसपर अंतिम निर्णय होना बाकी है. वहीं जगतपुरा के लिए ट्रांसपोर्ट नगर से राजापार्क, अरण्य भवन होते हुए एपेक्स सर्किल तक रूट का विकल्प रखा गया है. इसके साथ ही टोंक रोड, सांगानेर और एयरपोर्ट क्षेत्र के स्टेशनों से कनेक्टिविटी देने पर विचार किया जा रहा है. हीरापुरा बस स्टैंड को 200 फीट रोड के जरिए मेट्रो से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है. वहीं आगरा रोड के माध्यम के बगराना और आगे कनोता तक मेट्रो विस्तार की संभावना भी तलाशी जा रही है.
बता दें कि जयपुर मेट्रो का पहला चरण 2014 में शुरू हुआ था. मेट्रो सिर्फ मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक करीब 11 किलोमीटर के रूट पर संचालित हो रही है.



