Liquor Policy Case: दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की ओर से जांच एजेंसी और जांच अधिकारी के खिलाफ कई गई टिप्पणियों और सीबीआई अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश पर रोक लगा दी है. दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, (Arvind Kejriwal) मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को उस याचिका पर नोटिस जारी किया है. जिसमें सीबीआई ने उन्हें आरोपमुक्त करने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी है. जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने सीबीआई की रिवीजन पिटीशन पर सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, बीआरएस नेता के. कविता और अन्य सभी 21 आरोपियों से जवाब मांगा है.
हाईकोर्ट ने क्या कुछ कहा?
दिल्ली हाईकोर्ट की तरफ से ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया है कि वो ईडी द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले (Money Laundering Case) की कार्यवाही को तब तक के लिए टाल दे, जब तक कि सीबीआई की इस याचिका पर फैसला नहीं हो जाता. हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सीबीआई और उसके जांच अधिकारियों के खिलाफ की गई सख्त टिप्पणियों और विभागीय जांच के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है. वहीं सीबीआई ने हाईकोर्ट में अपनी 974 पन्नों की याचिका में निचली अदालत के फैसले को पूरी तरह से गलत और अवैध बताया है. सीबीआई का कहना है कि ट्रायल कोर्ट ने आरोप तय करने के चरण में ही मिनी-ट्रायल शुरू कर दिया और सबूतों को अलग-अलग करके देखा, जबकि उन्हें समग्र रूप से देखा जाना चाहिए था.
एजेंसी का दावा है कि उनके पास पर्याप्त सबूत और गवाह मौजूद हैं जो यह साबित करते हैं कि यह नीति गोवा चुनाव की फंडिंग के लिए क्विड प्रो क्यों के आधार पर बनाई गई थी. बता दें कि बीती 27 फरवरी को राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने सभी 23 आरोपियों को डिस्चार्ज किया था.
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“आप भारत की न्याय से इसे छुपा नहीं सकते हो”
भाजपा नेता मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) ने दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा सीबीआई के खिलाफ निचली अदालत की टिप्पणियों पर रोक लगाने, दिल्ली आबकारी नीति सीबीआई मामले में आरोपियों को नोटिस जारी करने पर कहा कि निचली अदालत की सारी टिप्पणियों को हाई कोर्ट ने स्टे लगा दिया है. इसलिए दोषी कितना सच्चाई को छुपाना चाहता हो लेकिन मैं नहीं समझता हूं कि आप भारत की न्याय से इसे छुपा सकते हो. केस की फिर सुनवाई होनी जा रही है और मुझे पूरा विश्वास है कि जो आय की हानि हुई है उन सबका फैसला होगा.



