CM Yogi Adityanath:बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम (Maulana Abdullah Salim) द्वारा यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर की गई कथित विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में आक्रोश देखने को मिल रहा है. इसी कड़ी में सरकार में मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने कहा कि बिहार के मौलवी का बयान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है. यह बयान समाज में तनाव पैदा करने वाला बयान है. एक धर्मगुरू का ऐसा बयान कहीं से भी जायज़ नहीं है. मैं बिहार सरकार से अपील करूंगा कि ऐसा बयान देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
“हिंदू समाज को चिढ़ाने की नीयत के साथ बयान दिया”
मंत्री अंसारी (Danish Azad Ansari) ने आगे कहा कि सीएम योगी के बारे में ऐसी टिप्पणी करना और गाय को उनकी मां की संज्ञा देते हुए पूरे हिंदू समाज को चिढ़ाने की नीयत के साथ जो बयान दिया है ये कही से भी सही नहीं है. उन्हें अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए. मौलाना समाज को भ्रमित करने और बांटने की नीयत के साथ जो ऐसा बयान दे रहे है मैं अपने कौम के लोगों से अपील करूंगा कि उन्हें भी ऐसे बयानों का विरोध करना चाहिए. क्योंकि हमारे इस्लाम में ऐसी कोई बातें नहीं सिखाई गई हैं. मौलाना हमारे समाज को इस्लाम का अधूरा ज्ञान दे रहे हैं अगर वाकई में मौलाना हमारे समाज के हितैषी होते तो बताते कि हदीस में गाय के बारे में क्या कहा गया है. हदीस में तो गाय के बारे में यहां तक कहा गया है कि गाय का दूध, घी शिफा है और गाय का गोस्त जायज नहीं है.
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“बंटवारा पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं”
उन्होंने (Danish Azad Ansari) कहा कि हमारे पैगंबर ने भी कहा कि गाय का दूध, घी मुसलमानों के लिए जायज है. गाय के गोस्त से मुसलमानों को परहेज करना चाहिए. मौलाना समाज को अधूरा ज्ञान दे रहे हैं उन्हें बांटने की कोशिश कर रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में ऐसी टिप्पणी करके समाज में एक बंटवारा पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. ये पूरे तरीके से नाजायज है. ऐसे बयानों की हम कड़ी निंदा करते हैं. निश्चित तौर पर जिन मौलाना ने ये बयान दिया है उनपर बिहार सरकार को भी सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.



