Nitesh Narayan Rane: महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे अक्सर अपने विवादित बयानों से चर्चाओं में रहते हैं. नागपुर के हिंदू सम्मेलन में नितेश राणे ने कहा यह हिंदू राष्ट्री ही है, यहां 90 प्रतिशत हिंदू ही रहते हैं. पाकिस्तान और बांग्लादेश इस्लामिक राष्ट्र हैं, यहां (भारत में) सेक्युलकर नाम का कुछ है ही नहीं. बाबासाहेब आंबेडकर ने जो संविधान लिखा उसका जो पहला ड्राफ्ट लिखा उसमें सेक्युलर नाम की कोई चीज ही नहीं थी, उल्लेख ही नहीं था, यह तो बाद में कांग्रेस वालों ने खुद को बचाने के लिए सेक्युलर शब्द डाला. वहीं उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी अगर हिंदुओं की तरफ गलत नजर से देखेगा तो ये सरकार उन्हें छोड़ने वाली नहीं है. उन्होंने पुरानी बातों का जिक्र 15 मिनट पुलिस हटाओ और फिर देखो, ऐसा कहने पर हमारा जवाब तुरंत आना चाहिए था, अरे 15 मिनट तो छोड़ो सिर्फ 5 मिनट पुलिस हटा कर देखो तुम्हे तुम्हारे पाकिस्तान में बैठे अब्बा के पास नहीं भेज दिया तो खुद को हिन्दू नहीं बोलेंगे. नितेश राणे के हिंदू राष्ट्र वाले बयान पर शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने पलटवार किया है.
“यह राष्ट्र न हिंदू का है, न मुसलमान का है”
शिया धर्मगुरु ने कहा कि बहुत अफसोस की बात है जिस तरह से महाराष्ट्र के मंत्री का बयान आया है. वह जिस तरीके से भड़काऊ बयान दे रहे हैं, पूरी तरीके से उनकी जितनी भी निंदा की जाए वो कम है. यह राष्ट्र न हिंदू का है, न मुसलमान का है. यह राष्ट्र सभी का है, यहां सब रहते हैं. यहां के संविधान में हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, यहूदी, पारसी, सबको बराबर के अधिकार दिए गए हैं. यहां पर अल्पसंख्यकों के लिए बाकायदा सरकार ने आयोग बनाए हैं, चाहे केंद्र सरकार हो या प्रदेश सरकारें हों. इनके ऊपर पूरी तरीके से कार्रवाई होनी चाहिए और ऐसे मंत्री पर लगाम लगनी चाहिए.
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“पहले अपने अब्बा के बारे में बताएं”
मौलाना यासूब अब्बास ने आगे कहा कि पहले वो खुद तय करें कि उनकी अब्बा कौन है? पहले अपने अब्बा के बारे में बताएं, फिर दूसरों की अब्बा को पूछें. जितने हिंदुस्तान में मुसलमान रहते हैं, उन्होंने हिंदुस्तान को माना है, यहां की मातृभूमि को माना है, हब्बुल वतन ईमान के जज्बे पर कायम हैं कि वतन की मोहब्बत ईमान का हिस्सा है. इस तरह के लोगों को उनकी अब्बा के पास भेज देना चाहिए.



