KGN Dargah Diwan Ajmer : अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के दीवान सज्जादानशीन सैयद जैनुल आबेदीन ने ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामनेई को अमेरिका द्वारा मारे जाने की निंदा की है। एक बयान में आबेदीन ने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य कई देशों पर कब्जा करना और दुनिया को अपने कहने पर चलाना है। खामनेई सिर्फ ईरान के नहीं बल्कि दुनियभर के शिया मुस्लिम समुदाय के धार्मिक नेता भी थे, उनको एक मीटिंग के दौरान मारना निंदनीय है। खामनेई शहीद हुए हैं।
पैगम्बर ने बता दिया था
ख्वाजा मोइनुददीन चिश्ती की दरगाह दीवान जैनुल आबेदीन ने एएनआई से कहा कि पैगम्बर मोहम्मद साहब ने अपने जीवन काल में ही बता दिया था कि इस्लाम के दुश्मन कौन हैं, उन्होने नस्रा, यजीद की कौम के बारे में बता दिया था कि उनके साथ कैसे बर्ताव करना है, अमेरिका और इजरायल वही यजीद कौम से हैं।
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आबेदीन के बयान के मायने
ख्वाजा की दरगाह दीवान जैनुल आबेदीन अक्सर अपने बयानों को लेकर देशभर में चर्चा में रहते हैं। आमतौर पर उन पर केन्द्र में मोदी सरकार का समर्थक समझा जाता है। ईरान पर अमेरिका के हमले की अभी तक मोदी सरकार ने निंदा नहीं की है लेकिन इसके उलट जैनुल आबेदीन ने अमेरिका की निंदा करते हुए खामनेई को शहीद बताया है।
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