Delhi Liquor Policy Case: दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है. जिसपर कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं की प्रतिक्रिया आई है. पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग (Amrinder Singh Raja Warring) ने कहा कि मुझे समझ नहीं आया कि केंद्र सरकार ने बहुत बड़े इल्ज़ाम लगाए और जिस तरह डेढ़ साल जेल में रखा. जो गंभीर आरोप होते हैं उसी में डेढ़ साल बाद जमानत मिलती है. अगर इतने बड़े आरोप नहीं थे तो डेढ़ साल अंदर क्यों रखा और अगर आरोप सही थे तो क्लीन चीट कैसे मिली? भाजपा, प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री, अरविंद केजरीवाल ही बता सकते हैं कि यह खेला कैसे हुआ.
“घोटाले के मास्टर माइंड थे”
भाजपा सांसद संजय जायसवाल (Sanjay Jaiswal) ने कहा कि सभी जानते हैं कि ये दोनों(अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया) इस घोटाले के जनक थे. दिल्ली की जनता अच्छे से जानती है कि एक्साइज घोटाले के जनक अरविंद केजरीवाल थे. जिन लोगों को पकड़ा गया है, उनकी भी गवाही होगी. सभी जानते हैं कि ये लोग इस घोटाले के मास्टर माइंड थे.
भाजपा सांसद राजीव प्रताप रुडी ने कहा कि यह अदालत का निर्णय है और अदालत स्वाभाविक तौर से अगर कोई पीड़ित हो और अदालत उसे बरी करता है तो उसपर किसी राजनीतिक टिप्पणी की आवश्यकता नहीं है.
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“भ्रष्टाचार के मामले इनके खिलाफ हैं”
भाजपा प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने कहा कि अभी तो एक कोर्ट से राहत मिली है. जैसे इन लोगों को अधिकार था और ये पहले हाई कोर्ट फिर सुप्रीम कोर्ट गए वैसे ही CBI को भी अधिकार है. इनके खिलाफ यह कोई एक अकेला भ्रष्टाचार का मामला नहीं था, CAG रिपोर्ट जो आई है उसमें सड़कों में घोटाला है, स्कूल बनाने में घोटाला है, अस्पतालों में घोटाला है उन सबके भी मुकदमे चलेंगे. भ्रष्टाचार के मामले इनके खिलाफ हैं और मुकदमे चलेंगे.



