Swami Avimukteshwaranand FIR News: ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके एक शिष्य के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है. कोर्ट के आदेश के बाद झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज किया गया है और इसमें पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. याचिकाकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है. सभी साक्ष्यों को देखने के बाद न्यायालय ने यह निर्णय लिया है. अब विवेचना का विषय है. वह दिन दूर नहीं जब कालनेमि जैसे राक्षस को जेल में जाना पड़ेगा. यदि पुलिस को लगता है कि गिरफ्तारी होनी चाहिए तो गिरफ्तारी तो करनी चाहिए. इन्होंने 20 साल की सजा वाला अपराध किया है. इनको तो फांसी लगनी चाहिए. छोटे-छोटे बटुकों के साथ उन्होंने घिनौना काम किया, हमें तो सीडी देखते हुए भी शर्म आ रही है.
“इसमें हमारा कोई विरोध नहीं”
चरणदास जी महाराज ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने के कोर्ट के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी पर जो आरोप लगाए गए हैं और कोर्ट के माध्यम से जो कार्रवाई की बात सामने आई है, यदि किसी ने कोई गलत कार्य किया है तो प्रशासन और कोर्ट को कानून के तहत अवश्य कार्रवाई करनी चाहिए. इसमें हमारा कोई विरोध नहीं है. लेकिन झूठे केस में किसी संत को बदनाम करना संत समाज के लिए दुखद विषय है.
“अचानक कुछ लोग सम्मान देने के लिए निकल पड़े”
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे समाज के सबसे पूजनीय हैं शंकराचार्य के साथ क्या व्यवहार हो रहा है सरकार की तरफ से. ये जो एक्सरसाइज हो रही है अभी हाल-फिलहाल जो आपको देखने को मिल रही है कि अचानक कुछ लोग सम्मान देने के लिए निकल पड़े हैं. जिस समय शिखा को पकड़कर अपमानित किया जा रहा था, उस समय ये लोग कहां थे? उसी समय उन्हें संगम किनारे जाना चाहिए था. हमारे पूजनीय शंकराचार्य कई दिनों धरने पर बैठे रहे. उस समय सर्दी पीक पर थी.
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“सरकार एक कदम आगे निकल गई”
उन्होंने कहा कि सनातनी व्यवस्था में कहीं किसी शंकराचार्य को गंगा स्नान से रोका नहीं गया होगा. लेकिन ये पहली बार हुआ है इस सरकार में कि उन्हें स्नान करने से भी रोका गया. जो हमारी आध्यात्म की, हमारे सनातन धर्म की त्रिवेणी है और अब तो ये सरकार एक कदम आगे निकल गई है. ये लगता है कभी अंधेरे में या रात में फिल्म देखते हैं. 20 साल बाद, हर बात इनको 20 साल बाद पता लगती है. हमारा जो एक पैनलिस्ट था उसकी 20 साल पुरानी घटना, शंकराचार्य जी को बताओ अपमानित करने के लिए कहां से ढूंढ के लाए, किसको ढूंढ के लाए.
“वॉशिंग मशीन से धुलकर पवित्र हो जाता है”
वहीं समाजवादी पार्टी सांसद रुचि वीरा ने कहा कि यह सरकार एक तरफ खुद को सनातनी बताती है और दूसरी तरफ सनातन धर्म के प्रमुख शंकराचार्य का अपमान करती है. उन्हें स्नान नहीं करने दिया गया, उनके समर्थकों पर लाठीचार्ज हुआ, उनकी चोटी पकड़कर मारपीट की गई. पहली बार ऐसा हो रहा है कि शंकराचार्य से डिग्री मांगी जा रही है. भाजपा में जो शामिल हो जाता है, वह मानो वॉशिंग मशीन से धुलकर पवित्र हो जाता है और उसे क्लीन चिट मिल जाती है, जबकि दूसरे दलों के लोगों पर तरह-तरह के आरोप लगाए जाते हैं.


