Parliament Budget Session: संसद में जारी गतिरोध के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोला है. जनरल नरवणे की किताब, बजट और सांसदों के निलंबन जैसे मुद्दों को लेकर राहुल गांधी ने सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि जब से नरवणे की किताब का मामला सामने आया है सरकार बहस से भाग रही है क्योंकि वो सच का सामना नहीं कर सकती. सरकार नहीं चाहती थी कि मैं उस पर बिल्कुल भी बात करूं, इसलिए उन्होंने सदन की कार्यवाही रोक दी. उन्होंने मुझे बोलने नहीं दिया. ऐसा तीन-चार बार हुआ. उन्होंने कहा कि मैं किसी किताब का हवाला नहीं दे सकता. फिर मैंने कहा कि मैं किताब का हवाला नहीं दे रहा हूं, मैं एक मैगज़ीन का हवाला दे रहा हूं. फिर उन्होंने कहा कि आप मैगज़ीन का भी हवाला नहीं दे सकते. फिर मैंने कहा कि मैं इस बारे में बात करूंगा, फिर वे नहीं चाहते थे कि मैं इस बारे में बात करूं.
“प्रधानमंत्री सदन में आने से डर रहे थे”
वहीं संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि यह बात फैलाई जा रही है कि विपक्षी सदस्य प्रधानमंत्री को धमकी देने वाले थे. जबकि इसमें कोई सच्चाई नहीं है. प्रधानमंत्री सदन में आने से डर रहे थे क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि मैं उनके सामने जनरल नरवणे की किताब रखूं, वे सच का सामना नहीं कर सकते. अगर कोई गलत है तो एफआईआर करिए, अरेस्ट करिए, क्यों नहीं कर रहे हैं.
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“सरकार बजट पर चर्चा को टालना चाहती है”
इसके साथ ही राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार बजट पर चर्चा को टालना चाहती है क्योंकि विपक्ष अमेरिकी ट्रेड डील पर सवाल उठाने वाला है. राहुल गांधी ने दावा किया है कि जिस तरह से समझौता किया गया है उसका भारतीय किसानों पर बुरा असर पड़ने वाला है. विपक्ष इस समझौते की प्रक्रिया और इसके पीछे के असली उद्देश्यों पर जवाब मांग रहा है. जिसे सरकार चर्चा में नहीं लाना चाहती.
“सरकार एकतरफा कार्रवाई कर रही है”
उन्होंने विपक्षी सांसदों के निलंबन पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि विपक्ष चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार और उत्सुक है. लेकिन सरकार एकतरफा कार्रवाई कर रही है. राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा सदन चलाने की नहीं, बल्कि विपक्ष की आवाज दबाने की है.



