Asaduddin Owaisi: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तेलंगाना के करीमनगर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा भाजपा और RSS से सवाल है कि सरकार आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया के बारे में क्या कहती है. आपने प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम शुरू की. आपने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के लिए लाखों करोड़ रुपये जनता का पैसा इस्तेमाल किया. अब सरकार अमेरिका से सहमत हो रही है कि हम टैरिफ कम करेंगे. तो, अमेरिकी इंडस्ट्रियल सामान यहां आएगा, फिर PLI में आपके बैक सेक्टर का क्या होगा? प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप से कहा है कि हम $550 बिलियन का व्यापार करेंगे. अगर आप ऐसा कर रहे हैं, तो मुझे बताएं कि किसानों के प्रोडक्शन का क्या होगा? यहां के कृषि बाज़ार का क्या होगा?
“तो उससे सिर्फ़ भाजपा को फ़ायदा होगा”
वहीं उन्होंने कहा कि अगर करीमनगर में TRS को कोई वोट दिया जाता है, तो उससे सिर्फ़ भाजपा को फ़ायदा होगा. मैं आपसे अपील करता हूं कि ऐसे उम्मीदवारों को वोट न दें. अपने वोट को बर्बाद होने से बचाएं. हमारे नेतृत्व को मज़बूत करें. जब तक हम लोकतांत्रिक तरीके से अपने राजनीतिक नेतृत्व को मज़बूत नहीं करेंगे, ये लोग हमारे साथ अन्याय करते रहेंगे. जहां नेतृत्व होगा, आपका प्रतिनिधि आपके लिए जाकर लड़ेगा. वे आपकी नगर पालिका की समस्याएं, सड़क की समस्याएं, नाले की समस्याएं और विकास के काम हल करेंगे.
“कब तक तुम बदला-बदला बोलोगे”
इससे पहले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने निजामाबाद में जनसभा को संबोधित करते हुए आरएसएस के पूर्व प्रमुख एम. एस. गोलवलकर की पुस्तक का हवाला देते हुए ऐतिहासिक घटनाओं पर भी टिप्पणी की और बदले की राजनीति के बजाय बदलाव पर जोर दिया. ओवैसी ने कहा कि गोलवलकर ने एक पत्रिका में लिखा था कि सोमनाथ मंदिर की लूट में हिंदू राजा शामिल थे. नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर कहते हैं कि हमें तारीख का बदला लेना है, रावण की क्रूरता, महाभारत में कौरवों के बुरे कामों का बदला कौन लेगा?
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ओवैसी ने आगे कहा कि दिल्ली में सिखों के खून-खराबे का बदला कौन लेगा? असम के नेल्ली नरसंहार में 4000 मुस्लिमों को रातों-रात काटकर फेंक दिया गया उसका बदला कौन लेगा. कब तक तुम बदले की बात करते रहोगे. कब तक तुम बदला-बदला बोलोगे. कभी तो कुछ तो गरीब को दो. हजारों नहीं, लाखों नहीं करोड़ों बच्चे इस देश में भूखे सोते हैं. उन भूखे सोने वाले बच्चों का पेट खाली होता है उसका बदला कौन लेगा. जो नौजवान बेरोजगार हैं उनका बदला कौन लेगा. उसकी बात नहीं करते, नफरत की बात करते हैं. बदला लेना छोड़ा, तुम बदलो पहले, पहचानों जिम्मेदारी तुम्हारी क्या है. फिर मैं बीजेपी वालों से पूछना चाह रहा हूं ये आरएसएस बड़ी मोहब्बत का दावा करते हैं.



