Tejashwi Yadav: बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को सदन में भारी हंगामा देखने को मिला था. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए. उन्होंने सरकार पर झूठी वाहवाही और लापरवाही के आरोप लगाए. साथ ही महिलाओं को लेकर बिकने वाली टिप्पणी कर दी. जिसको लेकर बिहार राजनीति तेज होती जा रही है. तेजस्वी यादव के बयान पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि योजना महिलाओं को सशक्त करने के लिए धरातल पर उतारी गई है. 2005 से ही ऐसी बहुत सारी योजनाएं महिलाओं का सशक्त करने के लिए लागू की गई हैं. अगर वे ये कह रहे हैं कि तो उनकी सोच बहुत छोटी है. तेजस्वी यादव का बयान दिखाता है कि उनका आचरण और संस्कार कैसे हैं, आरजेडी की विचारधारा कैसी है उसको दिखाता है. उनकी महिलाओं को लेकर क्या सोच है.
“वह महिलाओं का अपमान कर रहे हैं”
जद(यू) सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के बयान पर कहा कि मैं समझता हूं कि वह महिलाओं का अपमान कर रहे हैं. अगर उन्होंने ऐसा कहा है, तो यह महिलाओं का अपमान है. महिलाओं को समझना चाहिए कि उनके मन में महिलाओं के लिए कितना सम्मान है.
“यह बिहार की महिलाओं का अपमान है”
भाजपा सांसद विवेक ठाकुर ने तेजस्वी यादव के बयान पर कहा कि यह बिहार की महिलाओं का अपमान है. यह पूरे देश में हुए स्वरोजगार को बढ़ावा देने का अपमान है, जिसकी चर्चा इस केंद्रीय बजट में भी हुई थी. वे विकास और सामाजिक उत्थान से जुड़ नहीं सकते. उनकी सोच सीमित है. वे सिर्फ़ सत्ता चाहते हैं, और वह भी अपने लिए; उन्हें लोगों की भलाई की कोई चिंता नहीं है.
“महिलाओं को सशक्त करके आत्मनिर्भर बनाना चाहती है”
बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि सूपड़ा साफ हो गया, जो बचे खुचे हैं, वे भी सूपड़ा साफ हो जाएंगे. ये बिहार की महिलाओं का अपमान है. बिहार के लोगों को अपमान है. हमारी सरकार महिलाओं को सशक्त करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाना चाहती है.



