Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें संस्करण के दौरान छात्रों से बातचीत की. उन्होंने कहा कि अपने पैटर्न पर भरोसा रखें और उसे फॉलो करें, साथ ही आपके पास आने वाले सभी सुझावों को भी ध्यान में रखें. हमारा लक्ष्य हमेशा हमारी पहुंच में होना चाहिए लेकिन पकड़ में ना हो. हमेशा अपने टीचर से एक कदम आगे रहें. मन को जोतो, फिर मन को जोड़ो, और फिर पढ़ाई के विषय रखो.
उन्होंने कहा कि ज़िंदगी में हर चीज़ में संतुलन होना चाहिए. अगर आप एक तरफ ज़्यादा झुकेंगे, तो आप गिर जाएंगे. लाइफ स्किल्स और प्रोफेशनल स्किल्स दोनों बराबर जरूरी हैं और इन्हें सिर्फ शिक्षा से ही सीखा जा सकता है.
“शिक्षा बोझ नहीं होनी चाहिए”
वहीं प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा कि शिक्षा बोझ नहीं होनी चाहिए. हमें इसमें पूरी तरह शामिल होना चाहिए. आधे-अधूरे मन से की गई पढ़ाई जीवन को सफल नहीं बनाती. हमें सिर्फ मार्क्स पर नहीं बल्कि जीवन को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए.
“अगर मजबूत इच्छाशक्ति के साथ काम कर लिया…” क्यों बोले रविंद्र सिंह भाटी?
“मैंने सट्टेबाजी के खिलाफ कानून बनाया है”
PM मोदी ने कहा कि सिर्फ इसलिए समय बर्बाद न करें क्योंकि भारत में इंटरनेट सस्ता है. मैंने सट्टेबाजी के खिलाफ कानून बनाया है. हम देश में ऐसा नहीं होने देंगे लेकिन गेमिंग एक स्किल है. इसमें स्पीड भी शामिल होती है इसलिए यह विकास के लिए अच्छा है लेकिन बेहतर क्वालिटी की गेमिंग चुनकर अपनी एक्सपर्टीज खोजने की कोशिश करनी चाहिए.
“नॉर्थ-ईस्ट में महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक”
वहीं प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा कि मैंने आपका स्वागत इस असमिया गमोसा से किया. इसे असम का गमोसा कहते हैं. यह मेरी सबसे प्रिय चीज है और इसकी रचना बहुत अच्छी लगती है. यह असम में, खासकर नॉर्थ-ईस्ट में महिलाओं के सशक्तिकरण का भी प्रतीक है, क्योंकि इसे घर में बनाते हैं.
यह भी पढ़ें: “अगर आप एक तरफ ज़्यादा झुकेंगे, तो आप गिर जाएंगे” परीक्षा पे चर्चा के दौरान बोले PM मोदी



