Rahul Gandhi Vs Ravneet Bittu: केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा ‘गद्दार दोस्त’ कहे जाने पर सियासी संग्राम बढ़ता जा रहा है. इसी बीच रवनीत बिट्टू फिर मीडिया के सामने आए, उन्होंने कहा कि हम जब कांग्रेस में थे, जीतकर पार्टी को सीट लाते थे, उनपर कभी बोझ नहीं बने. मैं तो चुनाव जीतकर यूथ कांग्रेस का प्रेसिडेंट बना था उसके बाद मुझे एमपी की टिकट दी गई और मैं उनके ऊपर कभी बोझ नहीं बना. जब लगा कि ये परिवार की पार्टी रह गई, गांधी की पार्टी रह गई तब लोग निकल गए. अगर कांग्रेस रहती तो कांग्रेस में लोग रहते.
“अब मौज से गाड़ी में आते हैं और चले जाते हैं”
बिट्टू ने आगे कहा कि अपने सांसदों को बाहर करवा दिया, पहले यही लड़ाई मैं लड़ता था और ये भी अंदर लड़ते थे. हमें वहां रोज वॉकआउट करवाना पड़ता था, स्पीकर हमें ही बाहर निकालते थे. देश में खबरें आती थी कि ये सांसद अपने एरिया की बात नहीं करते. हमें वहां से सस्पेंड करवाकर यहां बैठा देते थे. जहां धूल-मिट्टी रहती है वहां सांसद बैठे हैं सिर्फ राहुल गांधी वहां आते हैं और फोटो खिंचवाकर चले जाते हैं. मैंने कहा कि अगर ये कांग्रेस होती तो सबसे पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी निलंबित होते. बंधुआ मजदूरों कि तरह अपने सांसदों को आगे करके उन्हें निलंबित करवा देते हैं और अब मौज से गाड़ी में आते हैं और चले जाते हैं.
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“मुझे तो पगड़ी बांधना भी राहुल गांधी ने सिखाया है”
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार दोस्त’ कहने पर कांग्रेस नेता पवन कुमार बंसल की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि ‘अगर आप पूरी बात देखें, तो आपको थोड़ा अतीत में जाना होगा। बिट्टू कौन थे? सरदार बेअंत सिंह के पोते. उन्हें कोई नहीं जानता था. उनका सिर्फ़ एक पारिवारिक कनेक्शन था. परिवार में भी और लोग आ गए थे जिन्होंने राजनीति में काम किया था, समाजसेवा में काम किया था न कि बिट्टू जी ने. राहुल गांधी नौजवान देख रहे थे जिसे यूथ कांग्रेस में लाया जाए. इन्हें इसलिए पंजाब में यूथ कांग्रेस का प्रेसिडेंट बनाया गया. सही मायने में उनकी कोई वीडियो मिल जाएगी जिसमें वह कह रहे हैं कि मुझे तो पगड़ी बांधना भी राहुल गांधी ने सिखाया है.
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