Parliament Budget Session: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने लोकसभा से 8 कांग्रेस सांसदों के सस्पेंशन पर कहा कि मेरी समझ के परे हैं कि आप नेता प्रतिपक्ष हैं और कितनी बार आपको समझना पड़ेगा कि जब स्पीकर ने एक बार कह दिया तो आप उनके नियम का पालन नहीं करेंगे तो किस तरह के लोकतंत्र की आप अपेक्षित कर रहे हैं आप सदन में सारी मर्यादाएं लांघकर बस अब कुर्सी पर पैर रखना बाकी रह गया था जिस तरीके से कांग्रेस सांसदों का व्यवहार रहा है. सदन नियमों से चलता है. ये खुद ही नहीं चाहते हैं कि बहस हो.
“ये रोज कोई बहना लाते हैं”
चिराग पासवान ने आगे कहा कि ये हर सत्र से पहले कोई न कोई बहना ढूंढ लेते हैं या तैयार कर लेते हैं और उसके ऊपर ये लोग सदन को बाधित करते हैं. इनको खुशी मिलती है जब सदन स्थगित हो जाता है. ये रोज कोई बहना लाते हैं. कुर्सी तक आना आप टेबल पर चढ़कर कुर्सी तक पहुंच गए ये निंदनीय है.
“ऐसा क्या सच छुपाने की कोशिश कर रहे हैं”
7 कांग्रेस सांसद और 1 CPM सांसद सस्पेंशन पर RJD सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि ऐसा क्या सच छुपाने की कोशिश कर रहे हैं एक मजबूत लोकतांत्रिक मुल्क में सुनने का भी दिल होना चाहिए. उसके बाद साक्षा विचार होना चाहिए. बाकि आप जो सस्पेंशन कर रहे है उसका ओरिजिन कहा है ये देखना होगा ना. अगर इस तरह से सस्पेंशन हुआ होता तो 2012-13 में पूरी की पूरी बीजेपी सस्पेंड हो गई होती.
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“फिर लोकतंत्र का क्या अर्थ है”
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने लोकसभा से 7 कांग्रेस सांसद और मदुरै से 1 CPM सांसद के सस्पेंशन पर कहा कि ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि देश में और लोकतंत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की अपनी भूमिका है और नेता विपक्ष को ये बोलना कि आप हिंदुस्तान और चीन के संबंधों पर नहीं बोल सकते हैं। ये सही नहीं है क्योंकि नेता विपक्ष को देश हित में कोई विषय दिखाई देगा तो वो अपनी बात रखेंगे. वो कहते हैं कि आप इस पर नहीं बोल सकते हैं आप दूसरे विषय पर बोलें, उसके बाद नेता विपक्ष को दरकिनार करके कहना कि आपके बिना ये चर्चा कराएंगे. क्या वो विपक्ष रहित और विपक्षहीन लोकतंत्र चाहते हैं? फिर लोकतंत्र का क्या अर्थ है. ये लोकतंत्र के लिए काला दिन है और इस सरकार का लोकतंत्र विरोधी चेहरा सामने आया है.



