Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 में अपने संबोधन के दौरान प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर और पुलिस कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि कई बार लोग टिप्पणी करते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों मार दी? अगर पुलिस गोली न मारे तो क्या पुलिस गोली खाए? दोनों काम एक साथ नहीं चल सकते. अगर अपराधी को गोली चलाने की स्वतंत्रता है तो पुलिस को भी हमने इसलिए पिस्तौल दी है कि वह भी उसका मुकाबला करे. उसका प्रशिक्षण इसी को लेकर हो रखा है. वह जिस भाषा में समझे उसे उस भाषा में समझाने का काम करे. पिछले 9 वर्ष में बड़े-बड़े त्योहार कुशलतापूर्वक संपन्न हो रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा कि कहीं कोई शांति भंग, अराजकता या फिरौती की बात नहीं करता है. कहीं कोई दंगा-फसाद नहीं है. कोई गुंडा टैक्स नहीं है. आज कहीं भी इस प्रकार की स्थिति नहीं है. यूपी ने खुद को निवेश के एक बेहतर गंतव्य के रूप में स्थापित किया है.
“2012 से 2017 के बीच 900 से ज्यादा दंगे हुए थे”
वहीं सीएम योगी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश में आप अनुमान कर लीजिए, 2012 से 2017 के बीच 900 से ज्यादा दंगे हुए थे. कोई ऐसी सिटी नहीं थी जहां कर्फ्यू का दौर न गुजरा हो. उस समय कोई उद्यमी, चिकित्सक या व्यापारी ऐसा नहीं रहा होगा जिसने गुंडा टैक्स न दिया हो. अराजकता चरम पर थी, प्रदेश का युवा पलायन कर रहा था और सरकार के पास कोई स्पष्ट नीति नहीं थी. परिणाम यह हुआ कि जब सुरक्षा नहीं होगी तो जो पहले से उद्यमी थे, वे भी यहां से पलायन करने को मजबूर हो गए. यह उत्तर प्रदेश के हर उद्यमी, हर व्यापारी और हर उस व्यक्ति की पीड़ा है जिसने उस दौर को देखा है.
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 2003 से 2017 के बीच व्यापक कर्फ्यू, अपहरण और फिरौती की घटनाएं आम थीं. ऐसे हालात में जब प्रधानमंत्री, हमारी पार्टी ने मुझे यह दायित्व सौंपा, तो हमें इन चुनौतियों का सामना करना था और हर नागरिक के मन में विश्वास भी पैदा करना था. हमने तय किया कि जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और यह सब पर बराबर लागू होगी. अगर कोई अपना भी गलत करेगा तो उस पर भी वही कानून लागू होगा, जो माफिया और अपराधियों पर होता है. यहां कोई अपना-पराया नहीं होगा.
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“उत्तर प्रदेश के अंदर पिक एंड चूज नहीं है”
यूपी फार्मा कॉन्क्लेव 1.0 में संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश के अंदर पिक एंड चूज नहीं है, पॉलिसी पैरालिसिस की स्थिति नहीं है. आज उत्तर प्रदेश के पास अपनी 34 सेक्टोरियल पॉलिसीज हैं, हर एक फील्ड की अपनी पॉलिसी. कोई भी निवेशक आएगा, सिंगल विंडो के प्लेटफॉर्म के माध्यम से हम उसे सुविधा उत्तर प्रदेश के अंदर उपलब्ध करवा रहे हैं. इंसेंटिव वितरण के लिए मैं स्वयं उसकी मॉनिटरिंग करता हूं कि अगर किसी निवेशक ने, किसी इंवेस्टर ने यहां निवेश किया है, तो पॉलिसी के दायरे में रहकर कि उसको हमने समय पर उसका इंसेंटिव दिया है या नहीं दिया है. इसमें हर एक स्तर की जवाबदेही भी तय होती है.



