Rahul Gandhi: असम की पारंपरिक पोशाक गमछा को एक कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा नहीं पहनने पर सियासी विवाद खड़ा हो गया है. राहुल गांधी सत्ताधारी बीजेपी व अन्य पार्टियों के निशाने पर आ गए हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दिए गए गमछे को पहनने से इनकार किया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कुछ भी करें, लेकिन जब तक बीजेपी सत्ता में है असम की संस्कृति का अपमान नहीं होने दिया जाएगा.
“कांग्रेस को पता नहीं क्या प्रोब्लम है”
इसी बीच असम से AIUDF नेता रफीकुल इस्लाम ने राष्ट्रपति भवन के कार्यक्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नॉर्थ-ईस्ट का गमछा न पहनने पर कहा कि मेरी राय में, राहुल गांधी को असमिया गमछा पहनना चाहिए था. आस-पास सभी ने जब इसे पहने थे, तो उनको भी असमिया गमछे के सम्मान में इसे गले में डाल लेना चाहिए था. कांग्रेस की यहीं बीमारी है राजस्थान से जो कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह यहां असम में आते हैं तो राजस्थान का बहुत बड़ा सा साफा बांधकर यहां आते हैं. असम में आकर असाम का गमछा डालों ना, राजस्थान में जाओ जब राजस्थान पगड़ी वहां लगाना. कांग्रेस को पता नहीं क्या प्रोब्लम है मुझे भी ये लगा कि राहुल गांधी को असम के गमछा का अपमान नहीं करना चाहिए. जब सबने असमिया गमछा डाला था तो आपको (राहुल गांधी) भी असम का गमछा डालना चाहिए था.
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“सिर्फ गले में लटकाने से आसाम का सम्मान नहीं होता”
AIUDF नेता ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी असम का गमछा डालते रहते हैं. आसामी गमछा को सिर्फ गले में लटकाने से आसाम का सम्मान नहीं होता. असम के सम्मान के लिए यहां के विकास के लिए काम किजिए. असम के पढ़े-लिखे युवाओं को नौकरी दिजिए. जो पीएम मोदी का नौकरी देने का वादा था वो पूरा नहीं हुआ. उन्हें 35 लाख पढ़े-लिखे युवाओं की नौकरी का बंदोबस्त करना चाहिए, तो गमछा का सम्मान हो जाएगा, तो राहुल गांधी ने गमछा ना डालकर भी सम्मान नहीं किया और इन लोगों (पीएम मोदी-शाह) ने गमछा डालकर कभी कहां उसका सम्मान रखा. असम के लिए अच्छा ख्याल नहीं किया.



