Road Accident : हरियाणा हाई वे परं राजस्थान जाट महासभा के प्रदेश महासचिव खेम सिंह चौधरी और उनके दो दोस्तों की Road Accident में मौत हो गई। तीनों संत रामपाल के आश्रम गए थे। आश्रम से लौटते वक्त Road Accident नेशनल हाईवे-152 डी पर बुचावास गांव के पास हुआ।
बताया जाता है कि अज्ञात वाहन ने खेम सिंह की कार को टक्कर मार दी थी। इसके बाद ड्राइवर गाड़ी लेकर फरार हो गया। आसपास के लोगों ने पुलिस को Road Accident सूचना दी। पुलिस ने घायलों को हॉस्पिटल भिजवाया।
Road Accident घटना महेंद्रगढ़ में नेशनल हाईवे पर बुधवार देर रात की है। हादसे में खेम सिंह, उनके साथी भागचंद और देशराज मीणा की मौत हुई है।
राजस्थान जाट महासभा के अध्यक्ष राजा राम मील ने घटना पर दुख प्रकट किया है।
नेशनल हाईवे से होते हुए जा रहे थे तीनों
पुलिस के अनुसार तीनों लोग कार से नेशनल हाईवे नंबर 152 डी से होते हुए जा रहे थे। जैसे ही इनकी कार गांव बुचावास के समीप पहुंची, किसी अज्ञात वाहन से इनकी कार की टक्कर हो गई। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे। खेम सिंह की कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी, जबकि टक्कर मारने वाला वाहन चालक वहां से फरार हो चुका था। लोगों ने कार में फंसे खेम सिंह, देशराज और भागचंद को बाहर निकाला। खेम सिंह और देशराज की मौके पर ही मौत हो गई।
तीसरे घायल ने उपचार के दौरान दम तोड़ा
लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर नारनौल हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में भिजवाया और घायल भागचंद को एंबुलेंस से कनीना के उपनागरिक अस्पताल पहुंचाया। जहां से भागचंद को रोहतक स्थित पीजीआई रेफर कर दिया गया। पीजीआई में इलाज के दौरान भागचंद की भी मौत हो गई। मृतकों की पहचान होने के बाद पुलिस ने उनके परिवार को सूचना दी।
यह भी पढ़ें : संदिग्ध हालात में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत, इंस्टाग्राम पर सामने आया सुसाइड नोट
राजनीतिक जिम्मेदारी के कारण रहते थे बाहर
डीग जिले के नगर थाना निवासी मनोता गांव निवासी खेम सिंह के पड़ोसी हुकम शर्मा ने बताया कि सिंह सामाजिक कार्यकर्ता और राजस्थान जाट महासभा के प्रदेश महासचिव थे। वह अकसर गांव से बाहर रहते हैं। राजनीतिक जिम्मेदारी होने के कारण उनका जयपुर आना जाना लगा रहता था।
खेम सिंह की कार को टक्कर मारने के बाद ड्राइवर वाहन को लेकर फरार हो गया। घटना में खेम सिंह की कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। घटना को देख स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और शवों को काफी मुश्किल के बाद कार से बाहर निकाला गया।
घटना की जानकारी मिलते ही खेम सिंह चौधरी का छोटा भाई कलुआ नारनौल पहुंचा। जहां के अस्पताल में तीनों के शव रखे हुए थे। सुबह तीनों के शवों का पोस्टमार्टम करवाया गया।
यह भी देखें : UGC के नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट का ब्रेक | Equity Regulations 2026 पर रोक | बड़ा फैसला



