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धार भोजशाला पर SC का बड़ा आदेश, बसंत पंचमी पर पूजा-नमाज दोनों होगी, तय की अलग-अलग टाइमिंग

Bhojshala Controversy

Bhojshala Controversy: सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश की धार जिले की विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद से जुड़े विवाद पर बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने भोजशाला-कमल मौला मस्जिद में बसंत पंचमी के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदुओं को पूजा-अर्चना करने की जबकि मुसलमानों को उसी दिन दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज अदा करने की इजाजत दी है. कोर्ट ने दोनों पक्षों हिंदुओं और मुसलमानों के लिए अलग-अलग जगह उपलब्ध कराने का आदेश दिया है, ताकि वे अपनी-अपनी धार्मिक प्रथाओं का पालन कर सकें.

मुस्लिम पक्ष के वकील क्या बोले?
भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट के बाद इंदौर हाईकोर्ट के फैसले पर मुस्लिम पक्ष के वकील अरशद वारसी ने कहा कि धार भोजशाला के मामले में एक याचिका लगाई गई थी जिसमें हमारी मांग थी कि ASI के जो 2003, 2013 और 2016 का आदेश है, जिसमें दोनों पक्ष बराबरी से हिस्सेदारी करके सूर्योदय से लेकर 12 बजे तक पूजा-अर्चना, उसके बाद 1-3 बजे तक अगर शुक्रवार है तो नमाज अदा की जाएगी और उसके बाद 3 बजे से सूर्यास्त तक फिर से पूजा-अर्चना के लिए समय दिया जाना चाहिए. हालांकि हमारे साथ एक अच्छी बात हुई कि सुप्रीम कोर्ट में दूसरे पक्ष ने एक अंतरिम एप्लीकेशन दायर की. उस अंतरिम एप्लीकेशन में मांग की गई थी कि पूजा-अर्चना का ही अधिकार दिया जाए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद एक तर्कसंगत फैसला दिया और कहा कि ASI का जो आदेश है उसी को माना जाए.

“ये जगह नफरत की नहीं है”
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने भोजशाला को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आए फैसले पर कहा कि यह बहुत अच्छा है और यह हिंदुस्तान में एक संकेत है कि यह प्रेम का संदेश है, ये जगह नफरत की नहीं है. 2016 में, जब मैंने इंदौर हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, तब भी यही निर्णय लिया गया था. आज, सुप्रीम कोर्ट ने उसी को आधार मानते हुए कहा है कि ASI के आदेश को लागू किया जाए कि नमाज़ भी हो और पूजा भी हो.

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“सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रशासन काम करे”
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोजशाला को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आए फैसले पर कहा कि भोजशाला के मुद्दे पर हम सबका दायित्व है कि यहां की प्राचीन सभ्यता संस्कार, प्यार-मोहब्बत, भाईचारे और सांप्रादायिक सौहार्द की रक्षा करें. सुप्रीम कोर्ट ने जो निर्देश दिया है कि जिस समय हिंदूओं का पूजा करनी है, वो करें और जिस समय मुस्लिमों को अपनी नमाज़ अदा करनी है, वो अदा करें और मोहन यादव से आग्रह है कि वो इसकी पालना करवाएं, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रशासन काम करे.

“आगे की व्यवस्था कानून के अनुरूप की जाएगी”
भोजशाला-कमल मौला कॉम्प्लेक्स से जुड़े विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर धार जिला कलेक्टर प्रियांक मिश्रा ने कहा कि मीडिया से अनुरोध है कि अपने हिसाब से कोर्ट के आदेश का अर्थ न निकालें. कोर्ट का आदेश हमें प्राप्त होने दें. आदेश में अलग-अलग स्थानों और अलग-अलग रास्तों की बात की गई है. सभी पक्षों के साथ बैठकर आदेश को समझकर ही आगे की व्यवस्था कानून के अनुरूप की जाएगी.

 

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