Religious news : माफी की रात कब है यानि वो रात जब मुस्लिम अपने रब से अपने गुनाहों की माफी मांगता है। यही रात शब-ए-बारात कहलाती है। मुस्लिम समुदाय के लिए काफी महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक माना जाता है। इसे माफी की राती के रूप में मनाया जाता है। इस्लामिक कैलेंडर के सबसे पवित्र महीनों में से एक ‘शाबान’ जल्द ही आरंभ होने वाले हैं। इसी महीने की 15वीं तारीख को ‘शब-ए-बारात’ मनाई जाती है, जिसे दुनिया भर के मुसलमान समुदाय के लोग माफी की रात या तौबा की रात के रूप में मनाते हैं। मुसलमान इस खास रात को नमाज अदा करने के साथ अपने गुनाहों की माफ़ी मांगते हैं। इसके साथ ही पूर्वजों की कब्रों के साथ जाकर अपने बुजुर्गों के मगफिरत की दुआ करते हैं।
शब-ए-बारात 2026 कब है ?
इस्लामी कैलेंडर के शाबान महीने की 14वीं और 15वीं रात को शब-ए-बारात मनाया जाता है। ये 14 की रात को शुरू होती है और 15 शाबान भोर को समाप्त हो जाती है। ऐसे में इस साल 4 फरवरी 2026 को मनाई जा सकती है। तारीख का सटीक फैसला शाबान का चांद दिखने पर निर्भर करेगा।
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मगफिरत की रात
शब-ए-बारात की रात को इस्लाम धर्म में विशेष महत्व दिया जाता है। यह रात माफी और मग़फिरत की रात मानी जाती है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस रात अल्लाह अपने बंदों की हर दुआ सुनते हैं और उन्हें माफ़ कर देते हैं। इसके अलावा, शब-ए-बारात के अलावा कुछ और रातें भी विशेष मानी जाती हैं। पहली शुक्रवार की रात दूसरी ईद-उल-फितर से पहले की रात, तीसरी ईद-उल-अधा से पहले की रात चौथी पहली रात रज्जब की रात की दुआ अल्लाह कबूल करते हैं।
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शब-ए-बरात और रमजान 2026
शब-ए-बरात का आना इस बात की सबसे बड़ी गवाही है कि बरकतों और रहमतों का महीना ‘रमजान’ अब बेहद करीब है। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, शब-ए-बरात (15 शाबान) और पहले रोजे के बीच सिर्फ 15 दिनों का फासला होता है।



