Manikarnika Ghat Controversy: काशी का मणिकर्णिका घाट किसी परिचय का मोहताज नहीं है. इस घाट पर चिता की राख कभी ठंडी नही पड़ती. यहां सनातन में अपनी आस्था रखने वाले लोग अंतिम संस्कार के लिए आते हैं. ऐसा माना जाता है कि यहां अंतिम संस्कार होने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है. इसी घाट के नवीनीकरण की एक परियोजना की आधारशिला जुलाई 2023 में पीएम नरेंद्र मोदी ने रखी थी. इसी परियोजना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसे विपक्ष के तमाम बड़े नेताओं ने शेयर करना शुरू कर दिया. सियासी हलचल तेज होने के बाद खुद सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद मोर्चा संभालते हुए विपक्ष के दावों को खंडन किया.
“भाजपा पूरे देश में दंगे भड़का देती”
इसी विवाद में आरोप लगने पर AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि इस वीडियो में जो बाबा हैं, क्या उन्हें AI के बारे में पता है? क्या आप देख सकते हैं कि माता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति कहां पड़ी है? स्थानीय लोग खुद देख रहे हैं कि मंदिर तोड़े जा रहे हैं. अहिल्याबाई होलकर का परिवार मूर्ति तोड़े जाने का दावा कर रहा है. अगर भाजपा को लगता है कि वे हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाकर मामले को शांत कर सकते हैं, तो वे और भी केस दर्ज कर सकते हैं. काशी विश्वनाथ मंदिर बनाने के नाम पर मंदिर तोड़े गए. अगर यही काम किसी विपक्षी पार्टी के शासन वाले राज्य में हुआ होता, तो भाजपा पूरे देश में दंगे भड़का देती.
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“उनके पास कोई मुद्दा नहीं है”
वहीं उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने मणिकर्णिका घाट की ‘फर्जी’ तस्वीरें शेयर करने के आरोप में AAP सांसद संजय सिंह और लोकसभा सांसद पप्पू यादव समेत 8 पर केस दर्ज होने पर कहा कि “सबसे पहले, मैं समाजवादी पार्टी, उनके नेताओं, आम आदमी पार्टी के नेताओं और बिहार के नेताओं से यह कहना चाहता हूं, और आप सभी को पूछना चाहिए कि क्या कभी मणिकर्णिका गए हैं? क्या कभी मणिकर्णिका देखी है? वहां का महाश्मशान कैसा है? ये वहां नहीं गए होंगे, उसे कभी नहीं देखा होगा। सोशल मीडिया पर जनता को गुमराह कैसे करें? वे इसी का उपाय खोजते रहते हैं क्योंकि उनके पास कोई मुद्दा नहीं है. आप याद करिए, बाबा विश्वनाथ का कॉरिडोर बन रहा था. तब भी वे रोज़ यही करते थे. वे रोज़ इसी तरह की हर समय नौटंकी करते थे. लेकिन आज, बाबा विश्वनाथ का कॉरिडोर बन गया है. दुनिया भर से श्रद्धालु आ रहे हैं. रोज़ 2 से 3 लाख लोग बनारस में दर्शन कर रहे हैं.
“मंदिर के नाम पर सिर्फ राजनीति हो रही है”
वहीं मंदिर टूटने को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर झारखंड से कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि ये तो साफ परदर्शित हुआ है. दिल्ली में भी इस प्रकार की घटना घटी. दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, उसके बाद जिस प्रकार बजरंगबली की मूर्ति को जंजीरों से बांधकर घसीटा गया, तो ये तो साफ परदर्शित हो रहा है कि मंदिर के नाम पर सिर्फ राजनीति हो रही है. हमें लगता है कि इस देश में मंदिर बनने से ज्यादा जरूरी यह है कि देश को हम मंदिर बनाएं. देश को अगर मंदिर हम बनाते हैं तो स्वाभाविक तौर पर देश विकसित होगा.



