Business : यदि किसी कंपनी के शेयर में 25 फीसदी की गिरावट हो तो निवेशक क्या करें, शेयर खरीदें या बेचें। भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी टाटा कंसल्टी सर्विस TCS ने पिछले 12 महीनों में शेयर में 25 फीसदी की गिरावट के बावजूद शेयर पर बाय रेटिंग बरकरार रखी है।आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड के शेयर मंगलवार (13 जनवरी) को शुरुआती कारोबार में 1 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए। कंपनी के शेयरों में यह बढ़त दिसंबर तिमाही के नतीजे के बाद देखने को मिल रही है। कंपनी ने तीसरी तिमाही में आय के मोर्चे पर अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया मगर मुनाफे में गिरावट देखी गई। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में टीसीएस का नेट मुनाफा 13.9 फीसदी घटकर 10,657 करोड़ रुपये रहा। तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज कंपनियों ने स्टॉक पर अपनी रिपोर्ट जारी कर दी है।
TCS पर Macquarie का टारगेट
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Macquarie ने टीसीएस पर अपनी रेटिंग को ‘बाय‘ पर बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 4,810 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इस तरह, शेयर 48 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न दे सकता है। टीसीएस के शेयर सोमवार को 3235 रुपये पर बंद हुए। ब्रोकरेज का मानना है कि वित्त वर्ष 2027 में ग्रोथ में तेजी और बेहतर होते मार्जिन के चलते शेयर के प्राइस-टू-अर्निंग (च्म्) में दोबारा रेटिंग देखने को मिल सकती है।
TCS पर मोतीलाल ओसवाल का टारगेट
मोतीलाल ओसवाल ने TCS पर ‘बाय की सलाह को बरकरार रखा है। साथ ही स्टॉक पर 4,400 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। इस तरह, आईटी स्टॉक निवेशकों को 36 प्रतिशत रिटर्न दे सकता है।
ब्रोकरेज ने डील्स की रफ्तार को ‘ठीक-ठाक’ बताया है। ब्रोकरेज ने कहा कि इससे शार्ट टर्म की स्थिति को कुछ हद तक समर्थन मिलता है, लेकिन मैनेजमेंट लगातार डील्स के समय में उतार-चढ़ाव की बात कर रहा है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कम समय में पूरी होने वाली डील्स और ज्यादा एनुअल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (।ब्ट) का बेहतर मिश्रण, खासकर एआई आधारित प्रोजेक्ट्स में, लंबे समय तक रिकवरी के अहम संकेत होंगे।
TCS पर मोतीलाल ओसवाल और सेन्ट्रम ब्रोकिंग
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग और सेंट्रम ब्रोकिंग ने भी शेयर पर ‘खरीदें’ की रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज का कहना है कि मांग की स्थिति बेहतर हो रही है। एआई से जुड़े कारोबार में पकड़ मजबूत हो रही है और वैल्यूएशन भी तुलनात्मक रूप से सस्ता है। सिस्टमेटिक्स ने स्टॉक का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 3,817 रुपये कर दिया है।
ब्रोकरेज का कहना है कि शेयर अपने लंबे समय के औसत वैल्यूएशन से नीचे ट्रेड कर रहा है, जिससे जोखिम बने रहने के बावजूद इसमें निवेश का अच्छा मौका बनता है। हालांकि, ब्रोकरेज इस बात पर सहमत हैं कि टीसीएस एक स्थिर और भरोसेमंद प्रदर्शन करने वाली कंपनी बनी हुई है। इसके मार्जिन मजबूत हैं और एआई जैसे क्षेत्रों में किए गए निवेश अब नतीजे दिखाने लगे हैं। लेकिन डिस्क्रेशनरी स्पेंडिंग में अब तक ठोस सुधार नहीं आया है और ग्रोथ फिलहाल कुछ चुनिंदा क्षेत्रों से ही आ रही है। इसी वजह से इस बात को लेकर अलग-अलग राय है कि आईटी सेक्टर की यह दिग्गज कंपनी कितनी जल्दी फिर से मजबूत और लगातार ग्रोथ की अगुवाई कर पाएगी।
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देश की बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में आय के मामले में अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन मुनाफा घट गया। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी का नेट मुनाफा सालाना आधार पर 13.9 फीसदी गिरकर 10,657 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की इसी तिमाही में टीसीएस ने 12,380 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। सितंबर तिमाही के मुकाबले भी मुनाफे में 11.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
तीसरी तिमाही में टीसीएस की आय सालाना आधार पर 4.8 फीसदी बढ़कर 67,087 करोड़ रुपये हो गई। पिछले तिमाही के मुकाबले आय में 2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। कंपनी की आय एनालिस्ट्स के अनुमान से ज्यादा रही, लेकिन मुनाफा बाजार की उम्मीदों से कम रहा।
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ब्लूमबर्ग ने टीसीएस की आय 66,849 करोड़ रुपये और मुनाफा 13,005 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था। कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी के. कृत्तिवासन ने कहा कि तीसरी तिमाही में भी ग्रोथ की रफ्तार बनी रही है। उन्होंने कहा कि टीसीएस दुनिया की सबसे बड़ी एआई आधारित टेक्नोलॉजी सर्विस कंपनी बनने के अपने लक्ष्य पर कायम है और एआई सेवाओं से अब कंपनी को सालाना 1.8 अरब डॉलर की आय हो रही है।



