KBP Times

अमेरिका का चीन के खिलाफ पैक्स सिलिका महागठबंधन, भारत को शामिल होने का न्यौता

Pax silica

Washington: अमेरिका अपने नेतृत्व में पैक्स सिलिका महागठबंधन बनाने जा रहा है जिसका उद्देश्य एक सुरक्षित, समृद्ध और इनोवेशन के आधार पर सिलिकॉन सप्लाई चेन बनाना है ताकि चीन को काउंटर किया जा सके। इस महागठबंधन में भारत को शामिल करने के लिए आमंत्रित किया गया है। इसमें जरूरी मिनरल्स और एनर्जी इनपुट से लेकर एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स तक शामिल हैं। अमेरिका इस पहल के साथ अपने भरोसेमंद पार्टनर्स के साथ एक गहरा सहयोग बनाने की कोशिश करता है और इसका लक्ष्य जबरदस्ती की निर्भरता को कम करना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए जरूरी मटीरियल और क्षमताओं की रक्षा करना है।

भारत को पैक्स सिलिका में शामिल होने का ऑफर काफी महत्वपूर्ण है और खासकर ऐसे समय में है, जब दोनों देशों के संबंध खराब स्तर पर चल रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगा रखा है और दोनों देशों के बीच ट्रेड डील बार बार नाकाम हो रही है। लेकिन ऐसे समय में भी पैक्स सिलिका का न्योता मिलना काफी महत्वपूर्ण है और इससे संकेत मिलते हैं कि संबंध खराब होने के बाद भी भारत और अमेरिका बहुत मुद्दों पर एक साथ हैं।

इस संबंध में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्गियो गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों को फिर से शुरू करने की उम्मीद जगाते हुए कहा, कि सच्चे दोस्त असहमत हो सकते हैं, लेकिन वे हमेशा अपने मतभेदों को सुलझा लेते हैं। सर्गियो गोर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बहुत करीबी हैं। गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ट्रंप की दोस्ती के बारे में गवाही देते हुए कहा कि मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी (ट्रंप की) दोस्ती सच्ची है।

यह भी पढ़ें : PM मोदी और जर्मन चांसलर के बीच द्विपक्षीय बातचीत, प्रधानमंत्री बोले- आतंकवाद पूरी मानवता…

पैक्स सिलिका क्या है?

अमेरिका के अंडर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट जैकब एस. हेलबर्ग ने कहा कि जैसे ही हम पैक्स सिलिका को चालू करेंगे, नई दिल्ली को बातचीत के लिए बुलाया जाएगा। पैक्स सिलिका में भारत की एंट्री, भरोसेमंद और सुरक्षित सप्लाई चेन की ओर एक बड़ा कदम है। यह अमेरिका-भारत पार्टनरशिप के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। हमारी सप्लाई चेन को मजबूत करने और अपने आर्थिक भविष्य को सुरक्षित करने का काम अब शुरू होता है। बहुत बढ़िया काम, एंबेसडर गोर।

यह भी देखें : “सरकार डरा-धमका रही है…” | जयपुर की सड़कों पर उतरे हजारों सरकारी कर्मचारी | चेतावनी महारैली

पैक्स सिलिका में कौन कौन से देश हैं ?

पैक्स सिलिका का गठन दिसंबर 2025 में किया गया था और उस वक्त भारत को इसके संस्थापक सदस्यों में शामिल नहीं किया गया था। अब अगले महीने भारत को इसका सदस्य बनने का न्योता भेजा जाएगा। पहले पैक्स सिलिका समिट में जापान, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, सिंगापुर, नीदरलैंड, यूनाइटेड किंगडम, इजरायल, संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया के स्टेकहोल्डर्स शामिल हुए थे। इनके साथ ही ताइवान, यूरोपीय संघ, कनाडा और बतौर गेस्ट इस सम्मेल में शामिल हुए थे। ये सभी पार्टनर मिलकर दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण कंपनियों और निवेशकों का घर हैं, जो ग्लोबल AI सप्लाई चेन को पावर देते हैं। अमेरिकी अधिकारी इसे सिलिकॉन स्टेटक्राफ्ट मानते हैं, जो ग्लोबल सिक्योरिटी फोकस को 20वीं सदी के संसाधनों जैसे तेल और स्टील से हटाकर, 21वीं सदी की जरूरी चीजों, जैसे कंप्यूटिंग और मिनरल्स पर ले जाता है।

ताजा खबरें

ताजा खबरें

Mosque Demolised and opposition leaders

सहारनपुर में मस्जिद पर चला बुलडोज़र, विपक्ष ने योगी सरकार को घेरा

Fraud case on Subhash chandra

ZEE ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज , 1322 करोड़ का लोन नहीं चुकाया

Shobha Yatra

जयपुर परकोटे में धूमधाम से निकली एतिहासिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शोभायात्रा, जगह-जगह हुआ स्वागत, भक्त उमड़े

swatantr bhagdwaj on police remand

CJP प्रदर्शन के दौरान मारपीट के आरोपी स्वतंत्र की कोर्ट में पेशी, एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा

encounter in kashmir

कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, लश्कर का पाकिस्तानी कमांडर यासिर ढेर

world map of un

यूनाइटेड नेशंस ने दुनिया का नक्शा बदला, भारत ने किया समर्थन, अमेरिका ने किया विरोध

mosque demolised

सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद पर चल रहा बुलडोजर, बसपा सुप्रीमों मायावती, सांसद इकरा हसन ने जताया विरोध

दिल्ली में अब स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के विरोध में हिन्दू संगठनों का प्रदर्शन

Donald Trump statement

ट्रम्प ने ईरान के परमाणु-ठिकाने पर हमले की दी धमकी, कहा-नजर रख रहे हैं उड़ा देंगे अगर हुई कोई भी गतिविधि

2

2