Tika Ram Jully: राजस्थान में बजरी माफिया का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला दौसा जिले का है, जहां बसवा थाना क्षेत्र में अवैध बजरी से भरे तीन ट्रैक्टर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। शुक्रवार देर शाम गश्त के दौरान ट्रेनी आरपीएस अधिकारी ओमप्रकाश गोदारा ने ट्रैक्टरों को रोकने की कोशिश की, लेकिन चालक तेज रफ्तार में भाग निकले। पुलिस ने एक ट्रैक्टर का करीब तीन किलोमीटर तक पीछा किया, जो दौसा की सीमा पार कर अलवर जिले में घुस गया और एक मकान की दीवार तोड़ दी। इस दौरान सड़क किनारे बंधी तीन बकरियों की भी कुचल दिया गया, जबकि चालक मौके से फरार हो गया।
थानाधिकारी का वीडियो वायरल, दिखी सिस्टम की हताशा
घटना की सूचना पर कोलवा थानाधिकारी रामशरण गुर्जर मौके पर पहुंचे। इस दौरान उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वे बजरी माफिया के सामने पुलिस और प्रशासन को बेबस बताते नजर आ रहे हैं। वीडियो में थानाधिकारी कहते हैं कि खनन माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे पुलिस पर हमले कर रहे हैं और बिना नंबर प्लेट के वाहन दौड़ाते हैं। घिरने पर ये लोग गांवों और आबादी वाले इलाकों से होकर भाग जाते हैं, जिससे आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ जाती है।
टीकाराम जूली का सरकार पर हमला
इस वायरल वीडियो को नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने वन मंत्री संजय शर्मा को घेरते हुए कहा कि “प्रदेश के वन मंत्री संजय शर्मा स्वयं अलवर से विधायक हैं, फिर भी उनकी नाक के नीचे सरिस्का का सीना चीरा जा रहा है। जब वन मंत्री के अपने गृह जिले में ही वन विभाग और पुलिस माफिया के आगे नतमस्तक है, तो बाकी प्रदेश का भगवान ही मालिक है। अलवर में SHO का यह कहना कि खनन नहीं रुकेगा, सीधे तौर पर वन मंत्री और मुख्यमंत्री (गृहमंत्री) की कार्यशैली पर बड़ा सवाल है। संजय शर्मा, अगर अपना जिला नहीं संभाल सकते तो प्रदेश की जिम्मेदारी क्या खाक निभाएंगे?”



