दिल्ली में वायु गुणवत्ता में बीते दो दिनों से हल्का सुधार जरूर देखने को मिल रहा है, लेकिन हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। लगातार दूसरे दिन राजधानी का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 से नीचे दर्ज किया गया है, इसके बावजूद कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना हुआ है।
सुबह के समय दिल्ली के कई क्षेत्रों में AQI 300 के पार दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है। खासतौर पर औद्योगिक और ट्रैफिक प्रभावित इलाकों में हवा की स्थिति अब भी बेहद खराब बनी हुई है।
रेड जोन में बने हुए हैं ये इलाके
सुबह के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में AQI 300 से ऊपर रिकॉर्ड किया गया। इनमें शादीपुर सबसे ज्यादा प्रदूषित इलाकों में शामिल रहा, जहां AQI 360 से अधिक दर्ज किया गया। इसके अलावा चांदनी चौक, नेहरू नगर, आनंद विहार, जहांगीरपुरी, विवेक विहार, वजीरपुर, रोहिणी, दिलशाद गार्डन, सीरीफोर्ट, ओखला और अशोक विहार जैसे इलाके भी रेड जोन में बने हुए हैं।
इन क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता इतनी खराब है कि लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
कई इलाकों में AQI अब भी खराब श्रेणी में
वहीं राजधानी के कई अन्य हिस्सों में AQI 200 से ऊपर दर्ज किया गया, जिसे ‘खराब’ श्रेणी माना जाता है। नरेला, द्वारका सेक्टर-8, पटपड़गंज, पूसा, आरके पुरम, आईटीओ, नॉर्थ कैंपस, नजफगढ़, मथुरा रोड, बुराड़ी और बवाना जैसे इलाकों में प्रदूषण का स्तर अब भी लोगों के लिए परेशानी बना हुआ है।
ग्रैप नियमों में राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी
वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार के बाद दिल्ली में ग्रैप-3 के प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। हालांकि, अभी भी ग्रैप-1 और ग्रैप-2 के नियम लागू हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जा रही है।
मौसम भी बढ़ा रहा परेशानी
प्रदूषण के साथ-साथ दिल्ली में ठंड भी बढ़ती जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। आज न्यूनतम तापमान करीब 8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, जिससे प्रदूषण की स्थिति पर भी असर पड़ सकता है।
निष्कर्ष
हालांकि दिल्ली की हवा में हल्का सुधार नजर आ रहा है, लेकिन कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर अब भी खतरनाक बना हुआ है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने, मास्क का इस्तेमाल करने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
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