Karnataka Bus Accident: कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में गुरुवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे में कम से कम 9 से 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 से अधिक यात्री घायल हो गए। बेंगलुरु से गोकरण जा रही एक प्राइवेट लक्जरी स्लीपर बस को तेज रफ्तार कंटेनर ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे बस में आग लग गई और कई यात्री जिंदा जल गए। प्रारंभिक जांच में ट्रक ड्राइवर की लापरवाही सामने आई है.
हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर हिरियूर के पास गोरलाथू क्रॉस के निकट रात करीब 2 बजे हुआ। बस में कुल 32 यात्री सवार थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का डीजल टैंक फट गया और आग तेजी से फैल गई.
ड्राइवर रफीक का बयान: ‘ट्रक डिवाइडर पार करके आया, मैं नाकाम रहा’
घायल बस ड्राइवर रफीक अस्पताल में इलाज के दौरान मीडिया से बोले – “ट्रक सड़क के डिवाइडर को पार करके दूसरी साइड से तेज रफ्तार में आया और बस से टकरा गया। उस समय मैं 60-70 किमी प्रति घंटे की स्पीड से बस चला रहा था। सामने से ट्रक को आते देख मैंने बस को कंट्रोल करने की पूरी कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। बस बगल से गुजर रहे एक अन्य वाहन से भी छू गई। टक्कर के बाद बस में आग लग गई। मुझे सिर्फ इतना याद है कि ट्रक टकराया, उसके बाद क्या हुआ और मुझे कैसे बाहर निकाला गया, यह नहीं पता।”
खलासी मोहम्मद सादिक की आपबीती
बस के खलासी मोहम्मद सादिक को मामूली चोटें आई हैं। उन्होंने बताया – “टक्कर इतनी तेज थी कि बस का शीशा टूट गया और मैं बाहर जा गिरा। मैं बस के आगे वाले हिस्से में सो रहा था। टक्कर के झटके से बाहर फेंका गया, वरना शायद मैं भी फंस जाता।”
जांच और मुआवजा
पुलिस के अनुसार, ट्रक ड्राइवर की भी मौत हो गई है। संभवतः वह सो गया था या लापरवाही बरती। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजे का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक जताया और मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि घोषित की है।
यह हादसा क्रिसमस के दिन हुआ, जिसने कई परिवारों का त्योहार मातम में बदल दिया। बचाव कार्य में फायर ब्रिगेड और पुलिस ने घंटों मशक्कत की। घायलों को हिरियूर और चित्रदुर्ग के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है



