कमीशनखोरी मामला: राजस्थान विधानसभा की सदाचार समिति ने तीनों विधायकों से कमीशनखोरी के आरोपों पर पूछताछ पूरी कर ली है. रेवंतराम डांगा, ऋतु बनावत तथा अनीता जाटव ने सभी इल्जामों का खंडन किया और सबूत प्रस्तुत करने के लिए समय की मांग की है.
राजस्थान विधानसभा की सदाचार समिति ने शुक्रवार को कमीशनखोरी के आरोपों से घिरे तीन विधायकों की पूछताछ संपन्न कर ली है. इनमें बीजेपी के रेवंतराम डांगा, कांग्रेस की अनीता जाटव और निर्दलीय ऋतु बनावत शामिल हैं. समिति ने आरोपों की पड़ताल के लिए इन्हें तलब किया था, जहां उन्होंने अपना बचाव पेश किया.पूछताछ सत्र में विस्तार से प्रश्नोत्तर हुए तथा विधायकों ने दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु अतिरिक्त अवधि की मांग की. रेवंतराम डांगा को 15 दिन, ऋतु बनावत को 10 दिन तथा अनीता जाटव को 7 दिन का समय प्रदान किया गया. इस अवधि में वे अपने प्रमाण सौंपेंगे. समिति अब इन सामग्रियों की समीक्षा करेगी और अपनी रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष को प्रस्तुत करेगी. रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही तय होगी. इस प्रकरण से राजनीतिक क्षेत्र में काफी सरगर्मी है.
विधायकों ने सभी इल्जामों का खंडन किया
रेवंतराम डांगा ने एनडीटीवी से चर्चा में बताया कि उन्होंने समिति के समक्ष अपना पूरा पक्ष प्रस्तुत कर दिया है. उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि इनमें कोई तथ्य नहीं है और शीघ्र ही सचाई उजागर हो जाएगी. ऋतु बनावत और अनीता जाटव ने भी अपने पक्ष में ठोस दलीलें दीं. उन्होंने समिति से निष्पक्ष पड़ताल की अपील की. तीनों विधायकों का दावा है कि वे बेकसूर हैं और जांच से सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा.
दलों ने सख्त स्टैंड अपनाया
स्टिंग ऑपरेशन उजागर होने के बाद बीजेपी ने रेवंतराम डांगा को कारण बताओ नोटिस थमाया और तीन दिनों में जवाब तलब किया. डांगा ने स्टिंग को झूठा करार दिया. उन्होंने कहा कि वह शख्स कई बार मिला लेकिन हर बार उन्होंने मना कर दिया. अनुमतियां केवल ग्रामीणों की जरूरत पर ही जारी की जाती हैं.कांग्रेस ने अनीता जाटव को नोटिस जारी किया और सात दिनों में सफाई मांगी. संतोषजनक जवाब न मिलने पर अनुशासनात्मक कदम की चेतावनी दी गई. निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत पर भी इल्जाम हैं और दोष सिद्ध होने पर उनसे सख्ती बरती जाएगी.
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स्टिंग से सामने आया भ्रष्टाचार
यह संपूर्ण प्रकरण एक प्रमुख समाचार पत्र के स्टिंग ऑपरेशन से प्रकाश में आया. छिपे कैमरे की फुटेज में विधायक निधि के व्यय में व्यापक भ्रष्टाचार नजर आया. इसमें खींवसर से बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा, हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव तथा बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत जुड़े हैं.फुटेज में कमीशन मांगने के गंभीर इल्जाम हैं. यह खुलासा इतना हैरान करने वाला है कि दल तुरंत हरकत में आ गए. अब सभी की निगाहें समिति की रिपोर्ट पर लगी हैं, जो सियासत में नया बदलाव ला सकती है.



