Advertisement: दुनिया में विज्ञापन बाजार अब 1 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है। ऐसे में एआई इस उद्योग के लगभग हर हिस्से को प्रभावित कर रहा है। मीडिया खरीद, क्रिएटिव कंटेंट निर्माण, परफॉर्मेंस मापन, ई-कॉमर्स और ग्राहक टार्गेटिंग जैसी प्रक्रियाएं तेजी से एआई संचालित होती जा रही हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ चैटबॉट या कंटेंट जनरेशन तक सीमित नहीं है। यह दुनिया में विज्ञापन उद्योग के काम करने के तरीके को भी तेजी से बदल रहा है।
AI विज्ञापन क्षेत्र का फैलाव
एक विज्ञापन कंसलटेंसी फर्म की रिपोर्ट के मुताबिक, एआई विज्ञापन क्षेत्र को अधिक स्मार्ट, डेटा-आधारित और परिणाम-केंद्रित बना रहा है। इसी बदलाव के बीच भारत दुनिया की प्रमुख एडटेक कंपनियों का केंद्र बनने की मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। दुनिया में विज्ञापन बाजार अब 1 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है। ऐसे में एआई इस उद्योग के लगभग हर हिस्से को प्रभावित कर रहा है। मीडिया खरीद, क्रिएटिव कंटेंट निर्माण, परफॉर्मेंस मापन, ई-कॉमर्स और ग्राहक टार्गेटिंग जैसी प्रक्रियाएं तेजी से एआई संचालित होती जा रही हैं।
भारत की तकनीकी ताकत सबसे बड़ा आधार
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर साल करीब 27 लाख इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी विषय के छात्रों का नामांकन होता है। इसके अलावा देश में करीब 2.4 करोड़ डेवलपर्स मौजूद हैं। लगभग 1,900 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर भी सक्रिय हैं, जो 65 से 75 अरब डॉलर का निर्यात राजस्व पैदा कर रहे हैं। यह विशाल तकनीकी इकोसिस्टम एआई आधारित उत्पादों और प्लेटफॉर्म्स के विकास को मजबूत आधार प्रदान कर रहा है। यही वजह है कि भारत वैश्विक इनोवेशन का अगला बड़ा केंद्र बन सकता है।
AI बदल रहा है विज्ञापन का पूरा ढांचा
कंसल्टेंट्स के एसोसिएट पार्टनर मुकेश के अनुसार एआई विज्ञापन उद्योग में सिर्फ एक नई तकनीक नहीं जोड़ रहा, बल्कि पूरे सिस्टम को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है। उन्होंने कहा कि मशीन लर्निंग आधारित बिडिंग सिस्टम, आइडेंटिटी ग्राफ, ट्रांसफॉर्मर आधारित रिकमेंडेशन इंजन और एजेंटिक एडवरटाइजिंग फ्रेमवर्क जैसी तकनीकों के लिए जिस इंजीनियरिंग क्षमता की जरूरत होती है, वह भारत ने पिछले तीन दशकों में विकसित की है।
वैश्विक उत्पाद बना रहीं भारतीय कंपनियां
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय मूल की तकनीकी कंपनियां अब केवल तकनीकी सेवाएं देने तक सीमित नहीं हैं। वे वैश्विक उत्पाद कंपनियों के रूप में उभर रही हैं और सॉफ्टवेयर व प्लेटफॉर्म आधारित अधिक लाभदायक बिजनेस मॉडल अपना रही हैं। एआई के बढ़ते इस्तेमाल के साथ मजबूत डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर नेटवर्क और उन्नत एआई क्षमताओं वाले खुले इकोसिस्टम भविष्य में वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सबसे बड़ा आधार बनेंगे। भारत इस दौड़ में तेजी से अपनी जगह मजबूत करता दिखाई दे रहा है।
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