Rajasthan Politics: राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के बयान पर पलटवार किया है. दरअसल, राठौड़ ने दिल्ली जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में विदेशी फंडिंग का आरोप लगाया है, जिसपर टीकाराम जूली ने कहा कि एक तरफ तो ये लोग छात्रों से समझौता कर रहे हैं और दूसरी ओर विदेशी फंडिंग की बात करते हैं. आपकी सरकार है तो आप जांच करते कि आखिर फंडिंग कहां से आ रही है. ये लोग जनता को कितना गुमराह करेंगे. क्या आप बच्चों पर पैलेट गन और AK-47 चलाने को ठीक मानते हैं? ये हमें मु्द्दों से गुमराह करना चाहते हैं. ये कभी बच्चों के हित में नहीं रहते हैं. क्योंकि इन्हें हिंदू-मुस्लिमों से वोट मिल जाते हैं. इसलिए फिर विदेशी फंडिंग का रचना शुरू कर दिया. विदेशी फंडिंग हो रही थी तो आपने समझौता क्यों किया. प्रधानमंत्री ने समझौता क्यों किया, आप तो उनके निर्णय पर ही ऊंगली उठा रहे हो. पीएम मोदी जिनको My Friends बोल रहे हैं और आप कह हो यह आतंकी हैं विदेशी फंडिंग हो रही है तो स्थिति तो आपकी खुद की क्लीयर नहीं है.
आप निर्णय नहीं कर पा रहे.
“बीजेपी पूरी तरह धर्मेंद्र प्रधान के पक्ष में बातें कर रही है”
वहीं धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि बीजेपी की जो विचारधारा है, वो खुलकर सामने आ रही है. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भले ही हो गया हो, लेकिन इस निर्णय पर भी बीजेपी पूरी तरह धर्मेंद्र प्रधान के पक्ष में बातें कर रही है. चाहे कंगना रनौत हों, सांसद हों, हमारे यहां के मुख्यमंत्री हों, हमारे यहां के प्रदेश अध्यक्ष हों इसको ऐतिहासिक काम धर्मेंद्र प्रधान का बता रहे हैं. अरे भैया, जब ऐतिहासिक काम है तो इस्तीफा क्यों हुआ? आपकी कमियां थीं, आपकी गलतियां थीं, आपका मिसमैनेजमेंट था. आपके नीचे चोरी होती रही, पेपर लीक होते रहे. आप उस पर काम नहीं कर पाए और इस वजह से आपको हटाया गया है, और आप उनका महिमा मंडन कर रहे हो. इसका मतलब तो यह है कि बच्चे गलत थे और ये बीजेपी के धर्मेंद्र प्रधान सही थे. इसका मतलब तो यही हुआ ना? एक तरफ बच्चों से समझौता कर रहे हो, बच्चो पर जो हुआ उसके लिए माफी मांग रहे हो, उनके सारे मुकदमे वापस करने की बात कर रहे हो और दूसरी तरफ धर्मेंद्र प्रधान का महिमा मंडन कर रहे हो.
“उनका महिमा मंडन करना बंद करो”
टीकाराम जूली ने आगे कहा कि अगर धर्मेंद्र प्रधान जी का इतना ही अच्छा काम था, तो फिर पेपर लीक क्यों हुए? जवाब दे सरकार. अभी जो कानून लेकर आए हैं पेपर लीक का, उससे मजबूत कानून तो राजस्थान में पहले से है, जिससे पेपर लीक पर रोक लगी. आज भी जो संशोधन आपने लिया, तो 2024 के अंदर जब यह कानून बनाया, उस समय आपको नहीं पता था कि इससे पेपर लीक नहीं रुकेंगे? तभी आपने कहा था कि हम फुलप्रूफ व्यवस्था कर रहे हैं और अभी भी कह रहे हो. मैं समझता हूं, आदमी का एक ही चेहरा होना चाहिए. एक तरफ ही अगर धर्मेंद्र प्रधान को हटाया है, तो उनका महिमा मंडन करना बंद करो.
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